राजस्थान के शिक्षक समुदाय ने ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि को कम किए जाने के सरकारी निर्णय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश के शैक्षणिक वातावरण और शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात बताते हुए 'राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत' ने मंगलवार को प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रणजीत मीणा के निर्देशानुसार, भरतपुर जिला एकीकृत टीम द्वारा उपजिला कलेक्टर को शिक्षा मंत्री, राजस्थान सरकार के नाम एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के माध्यम से विभाग द्वारा जारी आगामी शिविरा पंचांग 2026-27 में तत्काल संशोधन की पुरजोर मांग की गई है।

ज्ञापन के माध्यम से संघ के पदाधिकारियों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश को पूर्व की भांति 17 मई से 30 जून तक यथावत रखा जाए। शिक्षकों ने शिविरा पंचांग में हुए फेरबदल पर असंतोष जताते हुए मांग की है कि संस्था प्रधान द्वारा घोषित किए जाने वाले अवकाशों की संख्या भी पुनः 2 की जाए। इसके अतिरिक्त, शीतकालीन अवकाश की अवधि को भी 25 दिसंबर से 10 जनवरी तक निर्धारित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। जिला अध्यक्ष राजवीर सरसैना ने ज्ञापन सौंपते समय जोर देकर कहा कि शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं और शैक्षणिक गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए अवकाश व्यवस्था में यथोचित संशोधन करना नितांत आवश्यक है।

प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह मीणा ने इस आंदोलन की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम के तहत राजस्थान के प्रत्येक जिले में संघ द्वारा इस कटौती के विरोध में ज्ञापन दिए गए हैं। इस दौरान शिक्षकों का आक्रोश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। ज्ञापन सौंपने के महत्वपूर्ण अवसर पर जिला मुख्य संरक्षक तेज सिंह, महिला जिला सभाध्यक्ष प्राची कुमकुम सिंह, जिला सचिव आशा सिंह फौजदार और प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश मदेरणा उपस्थित रहे। साथ ही, जिला उपाध्यक्ष सहदेव मीना, रामवीर सिंह जाट, रोहन सिंह सिकरवार, उच्चैन ब्लॉक अध्यक्ष महेश सिंह राजपूत और संस्कृत शिक्षा प्रतिनिधि रामलाल मीणा सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस मुहिम को मजबूती प्रदान की। यह विरोध प्रदर्शन स्पष्ट करता है कि यदि शिविरा पंचांग में आवश्यक सुधार नहीं किए गए, तो शिक्षक समुदाय आगामी सत्र में बड़े आंदोलन की ओर अग्रसर हो सकता है।

Mohan Joshi, Bharatpur

Mohan Joshi, Bharatpur

नाम: मोहन लाल जोशी

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं

परिचय एवं अनुभव 

मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:

  • राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
  • ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
  • शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:

  • स्नातक (Graduation)
  • बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
  • पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।

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