भुसावर: पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने मांगों को लेकर बीडीओ को सौंपा ज्ञापन
राजस्थान के भुसावर में पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन ने उत्तराखंड पैटर्न और केडर रिव्यू जैसी मांगों को लेकर बीडीओ को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन शुरू किया।

भुसावर में पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन की उपशाखा के पदाधिकारियों और कार्मिकों द्वारा खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय में अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में विस्तृत ज्ञापन सौंपने का दृश्य।
भुसावर। पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन, राजस्थान उपशाखा भुसावर के कार्मिकों द्वारा मंत्रालयिक कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों के निराकरण को लेकर चरणबद्ध आंदोलन के तहत 'स्वाभिमान बचाओ आंदोलन' का बिगुल फूंक दिया गया है। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में सड़क पर उतरकर जबरदस्त नारेबाजी की और इसके उपरांत खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
संगठन के जिला प्रतिनिधि एवं ब्लॉक महामंत्री चेतराम नाहर ने इस आंदोलन की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारियों की विभिन्न न्यायोचित मांगें लंबे समय से लंबित पड़ी हैं, लेकिन विभाग द्वारा इस दिशा में अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही है। प्रदेशभर के लगभग 16 हजार मंत्रालयिक कर्मचारी अपनी जायज मांगों के समाधान के लिए पिछले ढाई साल से लगातार प्रतीक्षा कर रहे हैं। संगठन ने राज्य सरकार एवं विभागीय उच्चाधिकारियों से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की पुरजोर अपील की है।
महामंत्री ने बताया कि उत्तराखंड पैटर्न लागू करने, केडर रिव्यू करने, स्वतंत्र कार्य विभाजन करने, नोशनल लाभ प्रदान करने तथा अंतरजिला स्थानांतरण की अनुमति देने सहित अन्य महत्वपूर्ण मांगों को लेकर यह प्रदेश व्यापी ज्ञापन दिया गया है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार, आगामी दिनों में विभिन्न चरणों के तहत जिला एवं ब्लॉक स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार, ज्ञापन, संवाद कार्यक्रम, पेन डाउन आंदोलन, सद्बुद्धि यज्ञ तथा जयपुर कूच जैसे बड़े आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो 1 जुलाई 2026 से संपूर्ण कार्य बहिष्कार कर दिया जाएगा। इसके बाद 6 जुलाई को जयपुर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा, जबकि 7 जुलाई को जलमहल पर प्रेस वार्ता एवं सामूहिक जल समाधि जैसे उग्र और आंदोलनात्मक कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से मंत्रालयिक कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक व त्वरित निर्णय लेकर इस आंदोलन की आवश्यकता को ही समाप्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कर्मचारियों की इन गंभीर समस्याओं का स्थायी समाधान होने से पंचायतीराज संस्थाओं के प्रशासनिक कार्यों में भी अधिक दक्षता, गति और पारदर्शिता आएगी।
इस महत्वपूर्ण विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष सुमरत, माधो, हेमू, हरिप्रसाद, महाराज सिंह, जगमोहन, ऋतुराज धाकड़, बड़ा कुमारी, संध्या, सोनिया एवं अन्य सभी मंत्रालयिक कर्मचारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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