राजस्थान में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले पर रोक से बढ़ा आक्रोश
राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम ने तबादलों पर रोक और पदोन्नति में देरी के खिलाफ आंदोलन की दी चेतावनी, टीईटी अनिवार्यता का भी किया विरोध।

बयाना में राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम की बैठक में शामिल शिक्षक और अन्य लोग।
राजस्थान के शिक्षा विभाग में तबादलों की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद तृतीय श्रेणी शिक्षकों को इससे बाहर रखे जाने के निर्णय ने राज्य भर में भारी असंतोष को जन्म दे दिया है। शिक्षा विभाग के इस दोहरे मापदंड के खिलाफ राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम ने मोर्चा खोलते हुए इसे शिक्षकों के साथ घोर भेदभाव करार दिया है। संगठन ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों पर लगी रोक को अविलंब नहीं हटाया गया, तो प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।
बयाना में आयोजित एक बैठक के दौरान राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री बदनसिंह मीना ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि तृतीय श्रेणी शिक्षक पिछले सात वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा में हैं। इन वर्षों में न केवल शिक्षकों को उनकी पदोन्नति का लाभ नहीं मिल सका है, बल्कि कई शिक्षक सेवानिवृत्त भी हो गए हैं। मीना ने कहा कि लंबे समय से तृतीय श्रेणी संवर्ग के साथ हो रही इस अनदेखी और भेदभाव को अब और अधिक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जिसके चलते संघ ने प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक विरोध की रूपरेखा तैयार कर ली है।
विवाद का एक अन्य प्रमुख बिंदु वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी (TET) उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता से जुड़ा है। संघ ने इस आदेश का कड़ा विरोध करते हुए इसे शिक्षकों के मनोबल को गिराने वाला कदम बताया है। संगठन का मानना है कि विभाग के ये फरमान कार्यस्थल पर शिक्षकों की कार्यक्षमता और मानसिक स्थिति को प्रभावित कर रहे हैं।
संघ ने सरकार को यह स्पष्ट कर दिया है कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों की समस्याओं का समाधान अब प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। यदि शिक्षा विभाग ने जल्द ही तबादलों से जुड़ी विसंगतियों को दूर नहीं किया और पदोन्नति सहित टीईटी संबंधी आदेशों की समीक्षा नहीं की, तो राज्य भर के शिक्षक सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

Devisingh Prajapat, Bharatpur
नाम: देवीसिंह प्रजापत
कार्यक्षेत्र: बयाना उपखंड / उप जिला बयाना (राजस्थान)
अनुभव: 15 वर्ष
बीट (मुख्य विषय): सर्वपक्षीय समाचार (सभी तरह की खबरें और ग्राउंड रिपोर्टिंग)
परिचय
देवीसिंह प्रजापत राजस्थान के बयाना उपखंड क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी, निष्पक्ष और सक्रिय पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से उप जिला बयाना और संपूर्ण बयाना उपखंड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं, विकास कार्यों से लेकर क्षेत्र की हर प्रमुख हलचल और सभी तरह की खबरों को प्रमुखता व प्रामाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का व्यापक अनुभव (Work Experience)
देवीसिंह प्रजापत जी को मीडिया जगत का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। वह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। इस डेढ़ दशक के सफर में उन्होंने मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) पर काम किया है, जिससे उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है।
शैक्षणिक योग्यता
देवीसिंह प्रजापत जी शैक्षणिक रूप से बेहद सुदृढ़ हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) के साथ-साथ बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह तकनीकी और तार्किक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों के विश्लेषण, तथ्यों की जांच और समसामयिक मुद्दों को एक वैज्ञानिक व सटीक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
