भरतपुर का गौरव: मोरोली कला की बेटी सुमन कुमारी ने ऑल इंडिया कराटे चैंपियनशिप में फहराया परचम, जीता रजत पदक
भरतपुर के मोरोली कला गांव की बेटी सुमन कुमारी ने फरीदाबाद में आयोजित 6वीं ऑल इंडिया कराटे चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर राजस्थान का नाम रोशन किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद सुमन ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तकनीक और आत्मविश्वास का लोहा मनवाया। कोच बबलू सिंह के मार्गदर्शन और जापानी मास्टर से मिली ट्रेनिंग ने इस जीत में अहम भूमिका निभाई। जानिए कैसे एक ग्रामीण बेटी बनी दूसरी लड़कियों के लिए प्रेरणा।

सुमन कुमारी hoisted the flag in the All India Karate Championship, won the silver medal
भरतपुर: प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती और जब हौसले बुलंद हों, तो ग्रामीण परिवेश की सीमाएं भी सफलता के आड़े नहीं आतीं। भरतपुर जिले के एक छोटे से गांव मोरोली कला की बेटी सुमन कुमारी ने इस बात को सच कर दिखाया है। फरीदाबाद (दिल्ली-एनसीआर) में नेशनल कराटे फेडरेशन ऑल इंडिया की ओर से आयोजित प्रतिष्ठित 6वीं ऑल इंडिया कराटे चैंपियनशिप में सुमन ने अपने अदम्य साहस और बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतकर न केवल अपने गांव, बल्कि पूरे राजस्थान का नाम राष्ट्रीय पटल पर स्वर्णाक्षरों में अंकित कर दिया है।
प्रतियोगिता का माहौल बेहद तनावपूर्ण और चुनौतीपूर्ण था, जहां देश के विभिन्न राज्यों से आए मंझे हुए खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। राजस्थान टीम का प्रतिनिधित्व कर रही सुमन सिंह जब अखाड़े में उतरीं, तो उनका आत्मविश्वास देखते ही बनता था। अपनी सटीक तकनीक और कड़े अनुशासन के बल पर उन्होंने एक के बाद एक कई रोमांचक मुकाबलों में प्रतिद्वंद्वियों को धूल चटा दी। फाइनल दौर के कड़े संघर्ष में उन्होंने रजत पदक पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ ही उन्होंने साबित कर दिया कि ग्रामीण अंचल की बेटियों में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेरने का माद्दा है।
इस सफलता के पीछे सुमन की कड़ी मेहनत के साथ-साथ उनके कोच बबलू सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रतियोगिता के दौरान कोच बबलू सिंह ने भी अपनी दक्षता साबित की। उन्होंने जापान के विख्यात कराटे मास्टर, शिहान मनेरू कानाज़ावा से रेफरी और जज की विशेष ट्रेनिंग प्राप्त की और उनसे प्रमाण पत्र हासिल किया। कोच ने बताया कि सुमन की यह उपलब्धि केवल एक पदक नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए एक मिसाल है। यह जीत गांव की उन हजारों लड़कियों को खेल के मैदान में उतरने और रूढ़ियों को तोड़कर आगे बढ़ने का हौसला देगी।
सुमन की इस ऐतिहासिक जीत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव मोरोली कला पहुंची, वहां खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीण परिजनों और खेल प्रेमियों ने इसे पूरे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। सियाराम और राजेंद्र सिंह सहित गांव के गणमान्य नागरिकों ने सुमन को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। रजत पदक जीतने के बाद सुमन का लक्ष्य अब रुकने का नहीं है; उनकी निगाहें अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का तिरंगा लहराने पर टिकी हैं, जिसके लिए वे दोगुनी मेहनत के साथ तैयार हैं।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
