कामां। कामां में आयोजित रामलीला का नवम दिन दर्शकों के लिए मनोरंजन और श्रद्धा का अद्भुत संगम साबित हुआ। इस दिन मंच पर जयंत द्वारा श्रीराम की परीक्षा लेने, अत्रि-अनसूया प्रसंग, सुतीक्ष्ण संवाद, सूर्पणखा संवाद और खर-दूषण त्रिशरा वध जैसी लीलाओं का मंचन किया गया। हर लीलाएं दर्शकों के बीच उत्सुकता और भावनात्मक जुड़ाव का अनुभव कराती नजर आईं।

इस अवसर पर शरभंग ऋषि के रूप में हरिओम खंडेलवाल के अभिनय की विशेष सराहना हुई, वहीं सुतीक्ष्ण के रूप में ओमकार बजाज ने दर्शकों को मोहित किया। सुंदर और भयानक शूर्पणखा की भूमिकाओं में क्रमशः दामोदर राज और अशोक सोनी ने बेहतरीन प्रस्तुति दी। खर और दूषण के रूप में मोहन व विशाल सोनी, तथा त्रिशरा के रूप में राजेंद्र शर्मा ने दमदार अभिनय किया।

रामलीला के अन्य प्रमुख पात्रों में अत्रि ऋषि के रूप में हरीश सैनी, अनसूया के रूप में पवन पाराशर, श्रीराम के रूप में भुवनेश्वर, सीता के रूप में डिंपू और लक्ष्मण के रूप में ईशांत ने उत्कृष्ट अभिनय कर दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इससे पूर्व राम, लक्ष्मण और जानकी की आरती व्यापार महासंघ के अध्यक्ष कमल अरोड़ा और कैलाश लोहिया ने उतारी। आम रामलीला समिति के उपाध्यक्ष हेतराम पटवारी और संयोजक प्रदीप गोयल ने आगंतुकों का स्वागत और अभिनंदन किया।

कथा व्यास विजय कृष्ण शर्मा और पात्र प्रधान डॉ. भगवान मकरंद की भूमिकाओं की भी लोगों ने बहुत प्रशंसा की। सह पात्र प्रधान अरुण पाराशर और सह कथा व्यास प्रियांशु ने भी अपनी भूमिकाओं में दर्शकों का दिल जीता। दृश्य संयोजक शंकर शर्मा और साज-सज्जा प्रभारी संतोष की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।

रामलीला के इस दिन का आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व का प्रतीक था, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं के माध्यम से भव्य नाट्य प्रस्तुति का उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। दर्शकों ने इस अद्भुत मंचन का आनंद उठाया और कलाकारों की प्रशंसा करते हुए उत्साहपूर्वक समारोह में भाग लिया।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story