भरतपुर में स्वच्छता की नई क्रांति: गंदे पानी और बीमारियों से मुक्ति दिलाएगी अत्याधुनिक सीवरेज प्रणाली
भरतपुर के जगमोहनपुरा में आर.यू.आई.डी.पी. द्वारा आयोजित सामुदायिक बैठक में महिलाओं को सीवरेज प्रणाली और स्वच्छता के लाभों के प्रति जागरूक किया गया। अधिशाषी अभियन्ता राजुल कुमार के निर्देशन में एक्सपर्ट मनीष कटारा ने सीवर कनेक्शन और उसके सही रख-रखाव की जानकारी दी। जानें कैसे यह परियोजना भरतपुर को बीमारियों से मुक्त कर स्वच्छता की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

भरतपुर। राजस्थान के ऐतिहासिक शहर भरतपुर को स्वच्छ और रोगमुक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाया गया है। शहर की धमनियों में स्वच्छता का संचार करने के उद्देश्य से आर.यू.आई.डी.पी. (RUIDP) के चतुर्थ चरण के तहत जन-जागरूकता का शंखनाद किया गया है। गुरुवार को जगमोहनपुरा (आनन्द नगर) में आयोजित एक विशेष सामुदायिक बैठक में महिलाओं और स्थानीय निवासियों को आधुनिक सीवरेज प्रणाली के प्रति जागरूक किया गया। यह पहल केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं, बल्कि शहर के स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित करने का एक महा-अभियान है, जो अधिशाषी अभियन्ता राजुल कुमार के कुशल मार्गनिर्देशन में संचालित किया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जन-जागरूकता एवं जनसहभागिता इकाई (कैप) के माध्यम से समुदाय को यह समझाया गया कि सीवरेज कनेक्शन महज एक पाइपलाइन नहीं, बल्कि सामुदायिक स्वच्छता का सुरक्षा कवच है। सोशल एक्सपर्ट मनीष कटारा ने उपस्थित महिलाओं और स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि भरतपुर में आरयूआईडीपी द्वारा निष्पादित किए जा रहे सीवरेज कार्य शहर की सूरत बदलने वाले हैं। उन्होंने विस्तार से जानकारी साझा करते हुए बताया कि सीवरेज प्रणाली के माध्यम से घरों की रसोई, बाथरूम और शौचालय से निकलने वाले गंदे पानी को सीधे मुख्य लाइन से जोड़ा जाएगा। इससे गलियों और नालियों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान होगा, जिससे मच्छरों के पनपने और जलजनित बीमारियों के खतरों पर लगाम लगेगी।
परियोजना की सफलता के लिए नागरिकों की भागीदारी को अनिवार्य बताते हुए एक्सपर्ट मनीष कटारा ने आगाह किया कि सीवरेज प्रणाली तभी प्रभावी होगी जब इसके रख-रखाव में सावधानी बरती जाए। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि सीवर लाइन में कचरा, पॉलिथिन या गोबर जैसा ठोस अपशिष्ट न डालें, क्योंकि यह प्रणाली केवल तरल अपशिष्ट के निस्तारण के लिए है, न कि बरसाती पानी या ठोस कचरे के लिए। इस दौरान ए.एस.डी. सुरेन्द्रपाल ने पारदर्शिता और त्वरित समाधान पर जोर देते हुए लोगों को पम्पलेट वितरित किए और उन पर अंकित टोल-फ्री नंबर की जानकारी दी, जिसके माध्यम से कोई भी नागरिक अपनी शिकायत या सुझाव सीधे विभाग तक पहुँचा सकता है।
कार्यक्रम के आयोजन में एसओटी अशोक कुन्तल ने सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए स्थानीय स्तर पर जन-संवाद को मजबूत किया। बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि शहर का हर नागरिक इस स्वच्छता मिशन में अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। आर.यू.आई.डी.पी. की यह मुहिम यह स्पष्ट करती है कि जब तक तकनीकी विकास और जन-सहयोग का संगम नहीं होता, तब तक पूर्ण स्वच्छता का लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं है। भरतपुर के लिए यह परियोजना न केवल आधुनिकता का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने की गारंटी भी है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
