डीग जिले में फिर बरपा प्रकृति का कहर: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चादर ने थामी रफ्तार, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
डीग जिले में फिर लौटा कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का दौर! 17 और 18 जनवरी को आए अचानक बदलाव से जनजीवन प्रभावित। सरसों की फसल पर मंडराया संकट और तापमान में आई भारी गिरावट। जानिए कैसे धूप के सप्ताह भर बाद फिर ठिठुरा डीग और क्या है किसानों की चिंता का मुख्य कारण। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

डीग। राजस्थान के डीग जिले में मौसम के बदलते मिजाज ने एक बार फिर आमजन को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। पिछले दो दिनों से समूचा क्षेत्र घने कोहरे और धुंध के आगोश में लिपटा हुआ है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बीते सप्ताह की गुनगुनी धूप के बाद अचानक आए इस बदलाव ने न केवल तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है, बल्कि कृषि प्रधान इस क्षेत्र की उम्मीदों पर भी धुंध का साया मंडराने लगा है।
उल्लेखनीय है कि 10 जनवरी से क्षेत्र में लगातार तेज धूप निकलने के कारण तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी देखी जा रही थी, जिससे स्थानीय निवासियों को करीब एक सप्ताह तक हाड़ कंपाने वाली ठंड से खासी राहत मिली थी। बाजारों में रौनक लौटने लगी थी और लोग राहत की सांस ले रहे थे। लेकिन प्रकृति ने 17 जनवरी की सुबह अचानक करवट ली और देखते ही देखते पूरा क्षेत्र घने कोहरे की सफेद चादर से ढंक गया। विजिबिलिटी कम होने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
रविवार, 18 जनवरी को स्थिति और भी गंभीर बनी रही, जब पूरे दिन सूरज के दर्शन दुर्लभ हो गए और ठंडी हवाओं के साथ कोहरे का पहरा बना रहा। इस बदलते मौसम ने सबसे ज्यादा चिंता क्षेत्र के किसानों की बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय किसानों के अनुसार, अत्यधिक कोहरे और लगातार बनी रहने वाली धुंध के कारण सरसों की फसल को भारी नुकसान होने की प्रबल संभावना है। यदि मौसम का यही रुख जारी रहा, तो फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल, डीग जिला भीषण ठंड की चपेट में है और आने वाले दिनों में भी राहत मिलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
