भुसावर। कस्बा स्थित सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट परिसर में रविवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें आपसी सहमति से अदालत में विचाराधीन विभिन्न प्रकार के मामलों का समाधान किया गया। इस आयोजन की अध्यक्षता पीठासीन अधिकारी शशिकांत गुप्ता ने की।

चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत के इस सत्र में कुल 297 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें 178 मामले आपसी समझौते के माध्यम से निपटाए गए। इसके अतिरिक्त, रेवेन्यू रिकवरी के 118 मामलों सहित कुल 297 मामलों में कुल 15,37,233 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। पीठासीन अधिकारी शशिकांत गुप्ता ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान सभी पक्षों को न्यायिक सहमति के माध्यम से निष्पक्ष समाधान प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में अधिवक्ता हेमसिंह पांडे, शांति स्वरूप शर्मा, महेश चंद मीणा के साथ-साथ न्यायिक कर्मचारी गोविंद सिंह रीडर, जितेंद्र शर्मा (लिपिक), कमर पाल, जगदीश, सुरेश चंद शर्मा और संबंधित बैंक स्टाफ की भी उपस्थिति रही।

इस आयोजन का उद्देश्य अदालत में लंबित मामलों का शीघ्र समाधान कर नागरिकों को न्याय तक त्वरित पहुँच सुनिश्चित करना था। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निस्तारण ने न केवल न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाई, बल्कि स्थानीय जनता के लिए न्याय को अधिक सुलभ और समयबद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भुसावर में आयोजित यह राष्ट्रीय लोक अदालत न्यायिक तंत्र की कार्यकुशलता और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण प्रस्तुत करती है, जिससे जनहित में न्याय की पहुँच सुनिश्चित होती है।

Pratahkal Bureau

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