बयाना में 21 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत: न्यायिक अधिकारियों ने तैयारियों पर की समीक्षा, राजीनामा से निस्तारण पर जोर
बयाना में 21 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर न्यायिक अधिकारियों ने बैठक की। बैठक में पक्षकारों के बीच आपसी सहमति और राजीनामे से अधिकतम मामलों के निस्तारण पर जोर दिया गया, ताकि न्याय प्रक्रिया में तेजी और लंबित मामलों का बोझ कम किया जा सके।

बयाना। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार 21 दिसंबर 2025 को बयाना न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके मद्देनजर मंगलवार को ताल्लुका विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) सोनाली प्रशांत शर्मा की अध्यक्षता में न्यायिक अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोक अदालत के सफल संचालन और अधिकतम मामलों के निस्तारण की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में एडीजे सोनाली शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय लोक अदालत में पक्षकारों के बीच आपसी सहमति और राजीनामे की भावना से जितने संभव हो उतने प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्री-लिटिगेशन स्तर पर लंबित मामलों के साथ-साथ विभिन्न न्यायालयों में चल रहे प्रकरणों की पहचान कर उन्हें लोक अदालत में समाधान के लिए प्रस्तुत किया जाए।
इस अवसर पर एडीजे संख्या-2 प्रशांत शर्मा, एसीजेएम संख्या-2 सुनील कुमार, एसीजेएम संख्या-1 हिमानी चतुर्वेदी सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी उपस्थित अधिकारियों ने लोक अदालत के सफल आयोजन में पूर्ण सहयोग का भरोसा जताया।
एडीजे शर्मा ने बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि लोक अदालत के माध्यम से विवादों का समाधान होने से न केवल समय और खर्च की बचत होती है, बल्कि पक्षकारों के बीच मौजूद तनाव और कटुता भी समाप्त होती है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अधिवक्ताओं और पक्षकारों को लोक अदालत के लाभों के प्रति जागरूक करें और अधिक से अधिक मामलों के समाधान के लिए प्रेरित करें।
बैठक में यह भी जोर दिया गया कि सिविल और आपराधिक दोनों प्रकार के मामलों में आपसी समझौते के जरिए समाधान की संभावना तलाशकर अधिक से अधिक प्रकरण लोक अदालत में प्रस्तुत किए जाएं। इसका उद्देश्य पीड़ित पक्षों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना और न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करना है।
राष्ट्रीय लोक अदालत का यह आयोजन न केवल न्याय प्रक्रिया को गति देगा, बल्कि विवादों का मैत्रीपूर्ण समाधान कर समाज में न्याय की भावना और विश्वास को भी मजबूत करेगा।
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Devisingh Prajapat, Bharatpur
नाम: देवीसिंह प्रजापत
कार्यक्षेत्र: बयाना उपखंड / उप जिला बयाना (राजस्थान)
अनुभव: 15 वर्ष
बीट (मुख्य विषय): सर्वपक्षीय समाचार (सभी तरह की खबरें और ग्राउंड रिपोर्टिंग)
परिचय
देवीसिंह प्रजापत राजस्थान के बयाना उपखंड क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी, निष्पक्ष और सक्रिय पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से उप जिला बयाना और संपूर्ण बयाना उपखंड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं, विकास कार्यों से लेकर क्षेत्र की हर प्रमुख हलचल और सभी तरह की खबरों को प्रमुखता व प्रामाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का व्यापक अनुभव (Work Experience)
देवीसिंह प्रजापत जी को मीडिया जगत का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। वह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। इस डेढ़ दशक के सफर में उन्होंने मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) पर काम किया है, जिससे उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है।
शैक्षणिक योग्यता
देवीसिंह प्रजापत जी शैक्षणिक रूप से बेहद सुदृढ़ हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) के साथ-साथ बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह तकनीकी और तार्किक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों के विश्लेषण, तथ्यों की जांच और समसामयिक मुद्दों को एक वैज्ञानिक व सटीक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
