साहित्यकारों का सम्मान एवं विभूतियाँ

साहित्य मंडल द्वारा ब्रजभाषा के उन्नयन एवं साहित्य सृजन के क्षेत्र में डीग के दो कवि और वरिष्ठ साहित्यकार चन्द्रभान शर्मा चंचल और सुरेंद्र सार्थक को श्रीफल, कंठहार, शॉल, मेवाड़ी पगड़ी, भगवान श्रीनाथ जी की प्रतिमा और उपाधि पत्र और प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया।

  • चंद्रभान चंचल को "ब्रजभाषा विभूषण" की उपाधि से सम्मानित किया गया।
  • सुरेंद्र सार्थक को "ब्रज गजल श्री" की उपाधि से सम्मानित किया गया।

उपस्थित गणमान्य अतिथि

इस गौरवमयी अवसर के दौरान निम्नलिखित कवि और साहित्यकार मौजूद रहे:

  • वरिष्ठ साहित्यकार हरिओम हरि
  • नरेंद्र निर्मल
  • साहित्य अकादमी उदयपुर के सचिव बसंत सोलंकी

ब्रजभाषा के विकास पर वक्ताओं के विचार

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने साहित्य सृजन को लेकर अपने विचार साझा किए।

"ऐसे कार्यक्रम आयोजित होने से तथा सम्मान प्राप्त होने से ब्रजभाषा में साहित्य सृजन की ओर साहित्यकारों में आकर्षण के साथ बृजभाषा में उन्नत साहित्य का सृजन होगा।"

साहित्य मंडल संस्था नाथद्वारा द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम ब्रजभाषा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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