भरतपुर शहर की संजय नगर कॉलोनी इन दिनों बंदरों के बढ़ते आतंक से जूझ रही है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि स्थानीय लोग अपनी सुरक्षा के लिए हाथों में डंडा लेकर गश्त करने को मजबूर हैं। कॉलोनी में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और उनके हमलों ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार बंदर न केवल लोगों पर हमला कर रहे हैं, बल्कि घरों की पानी की टंकियों के ढक्कन तोड़ने, पाइप क्षतिग्रस्त करने और कपड़े फाड़ने जैसी घटनाओं को भी अंजाम दे रहे हैं। फल और खाने-पीने की वस्तुएं छीन लेना अब आम बात हो गई है। कई मामलों में बंदरों ने लोगों को काटकर घायल भी किया है, जिससे दहशत का माहौल बना हुआ है।

कॉलोनी निवासी दीपक चौधरी ने बताया कि पिछले करीब दस वर्षों से संजय नगर कॉलोनी में बंदरों का आतंक बना हुआ है। लोगों को हर समय सतर्क रहना पड़ता है, क्योंकि बंदर अचानक हमला कर देते हैं। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई है। उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम द्वारा बंदरों को पकड़कर अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए, तो कॉलोनीवासियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

स्थानीय महिला माया कुमारी ने भी अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि बंदरों ने कॉलोनी में रहना दूभर कर दिया है। कॉलोनी में 50 से अधिक बंदर हमेशा मौजूद रहते हैं, जो किसी भी व्यक्ति को देखते ही हमला कर देते हैं। बच्चों को घर से बाहर निकालना मुश्किल हो गया है और परिजन हाथों में डंडा लेकर उन्हें स्कूल या जरूरी कामों के लिए ले जाने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे कई बार नगर निगम प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है, ताकि लोग बिना डर के अपने घरों से बाहर निकल सकें और सामान्य जीवन जी सकें।

Next Story