भुसावर (भरतपुर)। ऐतिहासिक कस्बे भुसावर सहित संपूर्ण उपखण्ड क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में शनिवार को चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया के अवसर पर मत्स्य जयंती का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पृथ्वी की रक्षा और अधर्म के नाश हेतु भगवान विष्णु द्वारा धारण किए गए मत्स्य अवतार की इस पावन तिथि पर श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।

उत्सव के दौरान विद्वान पंडितों ने मत्स्य अवतार के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कल्पांत से पूर्व जब एक महादैत्य ने ब्रह्माजी से छलपूर्वक वेदों को चुरा लिया था, तब संपूर्ण सृष्टि में अज्ञानता का अंधकार व्याप्त हो गया और पाप व अधर्म का बोलबाला बढ़ गया। ऐसी विषम परिस्थिति में भगवान विष्णु ने धर्म की पुनर्स्थापना हेतु मत्स्य अवतार धारण कर उस दैत्य का वध किया और वेदों को सुरक्षित वापस लाकर सृष्टि की रक्षा की।

इस उपलक्ष्य में कस्बे के हिंडौन सड़क मार्ग स्थित प्राचीन कोठी वाले हनुमानजी मंदिर परिसर, हूंकारेश्वर महादेव मंदिर, भगत राज वाले हनुमानजी मंदिर, पंचमुखी हनुमान जी मंदिर, शैतान पाड़ा देवी मां मंदिर और पंजाबी गुरुद्वारा हनुमानजी मंदिर सहित विभिन्न देवालयों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने ढोलक, झांझ और मजीरा की मधुर थाप पर भजनों के माध्यम से भगवान को रिझाया और भावविभोर होकर नृत्य करते हुए अपनी हाजिरी लगाई। भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और क्षेत्र में निरंतर खुशहाली की मनोकामनाएं मांगीं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि इसने क्षेत्र की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को भी जीवंत कर दिया।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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