भुसावर-हिंडौन सड़क मार्ग पर स्थित ग्राम मजाजपुर में पेयजल संकट ने गंभीर रूप ले लिया है, जहां जल जीवन मिशन के तहत राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद ग्रामीण “जल बिन मीन प्यासी” जैसी स्थिति में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। राजकीय ठेकेदार द्वारा कार्य अधूरा छोड़ देने के कारण हालात और विकट हो गए हैं, जिससे आमजन एक-एक बूंद पानी के लिए इधर-उधर भटकने को विवश हैं।

ग्राम मजाजपुर, जो राज्य सरकार की बिखरी जनजाति विकास योजना एवं एम.आर.जी.सी. योजना में चयनित है, वहां पेयजल संकट के समाधान के लिए किए गए प्रयास धरातल पर असफल नजर आ रहे हैं। पूर्व सरपंच सतीश पांडेय के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने राज्य के मुख्यमंत्री, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री, मुख्य सचिव तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव से अलग-अलग भेंट कर ज्ञापन सौंपते हुए स्थिति से अवगत कराया है।

ज्ञापन में बताया गया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राजकीय विद्यालय के पास तथा महादेव मंदिर के पास अलग-अलग ट्यूबवेल स्थापित किए जा चुके हैं और दोनों ट्यूबवेलों पर पृथक-पृथक ट्रांसफॉर्मर भी लगाए गए हैं, इसके बावजूद ग्राम मजाजपुर के ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है। राजपूत वस्ती, मीणा वस्ती, सैनी वस्ती, रववास वस्ती, जोगी वस्ती, जाटव वस्ती, सक्का वस्ती, कोली वस्ती एवं पंडित वस्ती के लोग पीने के पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

इस प्रतिनिधि मंडल में पूर्व सरपंच सतीश पांडेय के अलावा मंजू उदय सिंह सरपंच, रविंद्र सिंह, महेश सिंह, भूपेंद्र शर्मा, डॉ बृजेंद्र शर्मा, शिवचरण शर्मा, शिक्षाविद् सुरेश चंद शर्मा, राधेश्याम शर्मा, गोविंद शर्मा, भरत मीना, रामवीर सिंह, प्रदीप शर्मा निठार, अमित जाटव, चिरमोली राम सैनी, डॉ प्रेमचंद शर्मा, डॉ नवीन चंद शर्मा, राजाराम सलैमपुर कलां, शिवराम भगत जी, सत्यवीर सिंह, रमेश डिठोरिया, गंगाराम पांडेय, रमेश सैनी, दिलीप सैनी, बंटी गोगेरा, झलक मदेरणा, सतोष मदेरणा, हरकेश योगी सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी सम्मिलित रहे।

ग्राम मजाजपुर में व्याप्त यह पेयजल संकट न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन पर गंभीर प्रभाव डालते हुए तत्काल समाधान की मांग को और अधिक प्रखर बना रहा है।

Mohan Joshi, Bharatpur

Mohan Joshi, Bharatpur

नाम: मोहन लाल जोशी

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं

परिचय एवं अनुभव 

मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:

  • राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
  • ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
  • शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:

  • स्नातक (Graduation)
  • बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
  • पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।

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