भरतपुर, 25 दिसंबर। महाराजा सूरजमल के 262वें बलिदान दिवस पर गुरुवार को आयोजित शौर्य यात्रा ने शहरवासियों को अजेय योद्धा के अदम्य साहस और भरतपुर की जीवंत लोकसंस्कृति से रूबरू कराया। घोड़ों पर सवार रौबीले जवान, बग्गियों में विराजमान श्रीकृष्ण-राधा और महाराजा सूरजमल के प्रतीक कलाकार, सिर पर कलश धारण किये महिलाओं की टोली, तथा गाजे-बाजे के बीच सजीव प्रस्तुतियाँ देते लोक कलाकारों की मंड़ली ने शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकाली गई यात्रा को एक दृश्य और सांस्कृतिक महाकाव्य बना दिया।

शौर्य यात्रा की शुरुआत महाराजा सूरजमल चौराहे से हुई, जहाँ जिला कलक्टर कमर चौधरी एवं संयुक्त निदेशक पर्यटन संजय जौहरी ने हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। शोभा यात्रा कलेक्ट्रेट, बिजलीघर चौराहा, मथुरा गेट और मुख्य बाजार होते हुए चौबुर्जा से किला स्थित किशोरी महल तक पहुंची। मार्ग में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और व्यापारियों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का उत्साहवर्धन किया।

किशोरी महल के सामने लोक कलाकारों द्वारा सामूहिक प्रस्तुति प्रस्तुत की गई। पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने महाराजा सूरजमल के ऐतिहासिक योगदान और वीरता के बारे में नागरिकों को जानकारी दी। साथ ही, सैंड आर्ट के प्रसिद्ध कलाकार अजय रावत ने महाराजा सूरजमल, भरतपुर किला और विश्वप्रसिद्ध केवलादेव पार्क का हूबहू चित्रांकन कर आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

शौर्य यात्रा में राजस्थानी वेशभूषा में सुसज्जित घोड़ों पर सवार रौबीले जवान उपस्थित दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। बग्गियों में विराजमान श्रीकृष्ण-राधा एवं महाराजा सूरजमल के प्रतीक रूप ने दर्शकों को सांस्कृतिक वैभव का अनुभव कराया। यात्रा में लोक कलाकारों ने घूमर नृत्य, कच्ची घोड़ी नृत्य, सहरिया नृत्य और कालबेलिया नृत्य की सजीव प्रस्तुतियाँ दी, जिससे यात्रा और भी प्रभावशाली और आकर्षक बन गई।

किला स्थित महाराजा सूरजमल स्मारक पर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर अजेय योद्धा को नमन किया। इस अवसर पर जिला कलक्टर कमर चौधरी, जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद, सीईओ जिला परिषद मृदुलसिंह, अतिरिक्त कलक्टर शहर राहुल सैनी, संयुक्त निदेशक पर्यटन संजय जौहरी, जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस भव्य आयोजन ने न केवल महाराजा सूरजमल की वीरता और बलिदान को यादगार बनाया, बल्कि भरतपुर की समृद्ध लोकसंस्कृति को भी नई ऊर्जा और जीवंतता प्रदान की। शौर्य यात्रा ने यह संदेश दिया कि इतिहास और संस्कृति की जीवंतता को आमजन तक पहुंचाना केवल समारोह नहीं, बल्कि समाज और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

Umesh Lawania, Bharatpur

Umesh Lawania, Bharatpur

उमेश लावणिया भरतपुर से हमारे प्रतिष्ठित संवाददाता हैं। स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों के सटीक और समयनिष्ठ कवरेज के लिए उन्हें जाना जाता है। प्रात:काल न्यूज़ के पाठकों तक वे हमेशा सत्यनिष्ठ और प्रभावशाली खबरें पहुँचाते हैं। उनके लेख और रिपोर्टिंग में गहराई, स्पष्टता और भरोसेमंद जानकारी का समावेश रहता है, जो उन्हें हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म का एक अहम स्तंभ बनाता है।

Next Story