गांव खेरिया पुरोहित में श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन ध्रुव चरित्र का वर्णन
डीग के गांव खेरिया पुरोहित में अंतर्राष्ट्रीय संत श्री राधे राधे बाबूजी ने राजा परीक्षित संवाद और भक्त ध्रुव की तपस्या के प्रसंग सुनाए।

डीग के गांव खेरिया पुरोहित में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को संबोधित करते अंतर्राष्ट्रीय संत श्री राधे राधे बाबूजी।
हरि भजन से प्रभु प्राप्ति का संदेश
कथा वाचक अंतर्राष्ट्रीय संत श्री राधे राधे बाबूजी ने बताया कि:
"हरि का भजन करने से होती है भगवान की प्राप्ति। श्रीमद्भागवत महापुराण में राजा परीक्षित और शुकदेव जी का संवाद सबसे महत्वपूर्ण प्रसंग है, जिसमें 7 दिनों में मोक्ष प्राप्ति के लिए भगवत कथा का श्रवण किया गया।"
परीक्षित प्रसंग और ध्रुव चरित्र का वर्णन
- ऋषि श्रृंगी के श्राप के कारण परीक्षित को तक्षक सर्प द्वारा मृत्यु का भय था, जिसके बाद उन्होंने ज्ञान प्राप्त करने के लिए शुकदेव मुनि की शरण ली।
- ध्रुव चरित्र पर प्रसंग करते हुए बताया कि भगवान विष्णु के महान तपस्वी भक्त थे। इनकी कथा विष्णु पुराण और भागवत पुराण में आती है।
- वे उत्तानपाद (स्वयंभू मनु के पुत्र) के पुत्र थे। ध्रुव ने बचपन में ही घरबार छोड़कर तपस्या करने की ठानी।
कथा रसपान में उमड़ा जनसैलाब
भागवत कथा रसपान कर रहे गांव के समस्त ग्रामवासी और माता बहने बड़ी संख्या में मौजूद रहे। मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे:
- सरदार सिंह
- राजेंद्र गौतम (कांग्रेस नेता)
- ठाकुर दिनेश सिंह
- रमसो जादौन
- विनोद जादौन
- अंकुर जादौन
- हरनाम फ़ौजी

Pratahkal Bureau
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