भरतपुर, 24 दिसम्बर।

विश्व धरोहर पर्यटन स्थल केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान एक बार फिर सुशासन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बना, जब सुशासन सप्ताह एवं राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर यहां भव्य विशेष सफाई अभियान का आयोजन किया गया। पंच गौरव थीम पर आयोजित इस अभियान में जिला प्रशासन, नगर निगम, वन विभाग, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर स्वच्छ भारत और इको-टूरिज्म का सशक्त संदेश दिया।

अभियान का नेतृत्व करते हुए जिला कलक्टर कमर चौधरी ने प्लास्टिक युक्त उत्पादों से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक न केवल पर्यावरण के लिए घातक है, बल्कि पक्षियों और वन्यजीवों के जीवन पर भी प्रतिकूल असर डालता है। प्लास्टिक कचरे से मृदा की गुणवत्ता प्रभावित होती है और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को भारी क्षति पहुंचती है। उन्होंने यह भी कहा कि भरतपुर शहर में प्लास्टिक कचरा ड्रेनेज सिस्टम को अवरुद्ध करता है, जिससे जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। जिला कलक्टर ने आमजन से अपील की कि वे भरतपुर के पर्यटन स्थलों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने को अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझें, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक शहर को एक स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के प्रति जागरूक पहचान के साथ याद रखें।

इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के तत्वावधान में केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान परिसर में आयोजित इस विशेष सफाई अभियान में अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने श्रमदान किया। लगभग एक घंटे तक चले इस अभियान के दौरान करीब चार ट्रॉली प्लास्टिक, गीला एवं सूखा कचरा एकत्र किया गया। एकत्रित कचरे का नियमानुसार पृथक्करण कर उसका सुरक्षित निस्तारण किया गया, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सके। अभियान का उद्देश्य केवल परिसर की स्वच्छता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आमजन और पर्यटकों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी रहा।

विशेष सफाई अभियान के दौरान केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के मुख्य द्वार से लेकर वाहन पार्किंग स्थल तक तथा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे उद्यान की चारदीवारी तक फैले प्लास्टिक कचरे को हटाकर नगर निगम के कचरा वाहनों में एकत्रित किया गया। खरपतवार और सूखी झाड़ियों को हटाते हुए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से झाड़ू लगाई। नगर निगम के 100 कार्मिकों ने हाथों में झाड़ू थामकर वाहन पार्किंग क्षेत्र को पूरी तरह साफ-सुथरा कर दिया।

इस अभियान में किसी के हाथ में झाड़ू थी तो किसी के हाथ में तगारी। दस्ताने पहनकर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने पसीना बहाते हुए एक घंटे तक श्रमदान किया और विश्वप्रसिद्ध पर्यटक स्थल को प्लास्टिक मुक्त रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर डीएफओ चेतन कुमार बीवी, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर राहुल सैनी, नगर निगम आयुक्त श्रवण विश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र यादव, जिला अध्यक्ष शिवानी दायमा, संयुक्त निदेशक पर्यटन संजय जौहरी, उपायुक्त देवस्थान मुकेश कुमार मीना, अधिशाषी अभियंता चम्बल परियोजना एचके अग्रवाल, गिरधारी तिवारी, मनोज भरद्वाज, मोहन रारह, कुलदीप पोसवाल, गौरव सरपंच और डॉ. पचौरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सुशासन सप्ताह के अंतर्गत आयोजित यह अभियान केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की स्वच्छता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने प्रशासन और समाज की साझी जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मजबूत संदेश भी दिया।

Pratahkal Bureau

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