कार्तिक आदित्य वेलफेयर फाउंडेशन ने निजी विद्यालय में आयोजित की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यशाला
कार्तिक आदित्य वेलफेयर फाउंडेशन ने निजी विद्यालय में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षिकाओं को टोल-फ्री हेल्पलाइन, सरकारी योजनाओं, कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई। संस्था ने महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।

11 दिसंबर को कार्तिक आदित्य वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा संचालित परामर्श केंद्र ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ प्रोग्राम के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन निजी विद्यालय में किया। संस्था प्रधान हरे कृष्णा पचौरी ने बताया कि राज्य सरकार की पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा से अवगत कराना है।
कार्यशाला में फाउंडेशन की काउंसलर विनीता पचौरी, तालुका विधिक सेवा समिति के अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा, वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर रंजना राठौर, चिकित्सक डॉ. जितेंद्र फौजदार, पुलिस प्रतिनिधि सब इंस्पेक्टर मंगतू राम एवं ASI राजवीर सिंह, मेंस ग्रुप अध्यक्ष ललित अग्रवाल देवासी, तथा किरण कॉन्वेंट स्कूल संचालक श्री राधाबल्लभ सहित विद्यालय की समस्त अध्यापिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया।
पचौरी ने कार्यशाला के दौरान बालिकाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने टोल-फ्री नंबर 1090 और 1098 के माध्यम से किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया बताई। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार द्वारा महिलाओं और लड़कियों के लिए रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक उपलब्ध निशुल्क 112 सेवा, लाडो प्रोत्साहन योजना, निशुल्क स्कूटी वितरण योजना और सेनेटरी पैड वितरण जैसी योजनाओं के बारे में भी जानकारी प्रदान की।
पैनल अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा ने डीएनए से संबंधित फ्री एडवोकेट सेवा, लोक अदालत और कानूनी अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को शारीरिक और मानसिक सुरक्षा, मासिक स्वास्थ्य और पुलिस सुरक्षा की पहल के बारे में समझाया।
कार्तिक आदित्य वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा स्थापित निशुल्क परामर्श केंद्र, जो हिंदी पुस्तकालय वाली गली, शुभम स्कूल के पास पचौरी हाउस में स्थित है, सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक सेवा प्रदान करता है। यहाँ घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है और उन्हें पुनर्वास के लिए समझाइश के माध्यम से सहायता दी जाती है। इसके साथ ही, फाउंडेशन महिलाओं और बालिकाओं को सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों से अवगत कराता है।
इस कार्यशाला ने न केवल बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जोड़ने का कार्य किया, बल्कि समाज में महिलाओं और लड़कियों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
