भुसावर। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती मेहंदी कॉलोनी स्थित राधा कृष्ण युगल बिहारी मंदिर पर भव्य श्रद्धांजलि समारोह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर अशोक भारती मुख्य अतिथि रहे, जबकि पार्षद रणजीत सैन समारोह के अध्यक्ष थे।

कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद करने से हुई। इसके बाद उनके पदचिन्हों पर चलकर राष्ट्र प्रेम और समाजवाद का संदेश देने वाले नारे बुलंद किए गए। उपस्थित लोगों ने ठाकुर के आदर्शों, उनकी सादगी, ईमानदारी और प्रेरक वक्तृत्व को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वक्ताओं ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का जन्म 24 जनवरी 1924 को हुआ था। वे स्वतंत्रता संग्राम के समर्पित कार्यकर्ता, शिक्षक, बिहार राज्य के दूसरे उप-मुख्यमंत्री और दो बार मुख्यमंत्री रहे। ठाकुर हमेशा देशवासियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित करते थे। उनका प्रसिद्ध नारा, "अधिकार चाहो तो लड़ना सीखो, पग-पग पर लड़ना सीखो, जीना है तो मरना सीखो," आज भी सामाजिक और राजनैतिक परिदृश्य में प्रासंगिक माना जाता है।

समारोह में भगवान सिंह, बलदेव सैन, वेद प्रकाश सेन, भूमिपुत्र भारती, सतीश सैन, कपिल, नरेश कुमार, विष्णु सैन, अशोक, लोकेश सैन, सोहन लाल, सुशील, भूपेंद्र और मनोज सैन सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह ने उपस्थित जनों में ठाकुर के आदर्शों और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।

इस कार्यक्रम ने कर्पूरी ठाकुर के योगदान और उनके आदर्शों की जीवंत याद दिलाई, और यह स्पष्ट किया कि उनके बताए मार्ग पर चलकर ही समाज और देश की प्रगति संभव है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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