वैर। वैर उपखंड के गांव तिलचिवी निवासी पत्रकार थानसिंह सिनसिनवार ने गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम को पत्र सौंपकर अपने भतीजे प्रकरण की निष्पक्ष व शीघ्र जांच कराने की मांग की। पत्रकार थान सिंह ने गृह राज्य मंत्री एवं जयपुर रेंज के आई जी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि उनका 17 वर्षीय भतीजा खेडली अलवर स्थित अपनी दुकान में फांसी के फंदे पर लटका मिला था जिस मामले का अनुसंधान खेडली (अलवर) थाना प्रभारी कर रहे हैं।

पुलिस की कार्यप्रणाली और षडयंत्र की आशंका

मंत्री को सौंपे पत्र में क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार थानसिंह सिनसिनवार ने लिखा है कि "पुलिस मामले को आत्महत्या करार देते हुए अनुसंधान कर रही है जबकि मामले की नजाकत को देखते हुए किसी षडयंत्र से इंकार भी नहीं किया जा सकता है।" पत्र में लिखा है कि लडका जिस दुकान में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला उसका ताला लगा हुआ नहीं था, दुकान के बाहर लगे जाल में दो अलग-अलग ताले लगे हुए मिले। इनमें एक ताला ऐसा भी है जिसके खोलने के लिए चावी की जरुरत पडती है लगाने के लिए नहीं। दूसरी बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी डाॅ ने अपनी राय नहीं दी। उन्होंने जाल में लगे तालों की गहनता से जांच कराने की मांग करते हुए लिखा है कि उसका मृतक भतीजा 26 जनवरी 2026 को ही हंसीं-खुसीं व प्रसन्नचित भाव से अपनी दुकान पर खेडली गया था।

घटनाक्रम और परिजनों की बातचीत का विवरण

27 जनवरी 2026 को मेरा भाई दुकान पर उससे मिलकर गया था। 29 तारीख 2026 को उसके पिता और मेरे बडे भाई की शाम तकरीबन 8 बजे उससे दूरभाष पर बातचीत हुईं थी। तब भी वह ठीक-ठाक व प्रसन्नचित था। अगले रोज 30 जनवरी 2026 को दुकान मालिक ने तकरीबन 11 बजे मेरे भाई को फोन करके बताया कि मृतक ने दुकान नहीं खोली है तथा वह दुकान में ही है जरूर कोई हादसा हो गया है। पत्र में लिखा कि तकरीबन 12 बजे जब मेरा भाई दुकान पर पहुंचा तो वहां पुलिस मौजूद मिली और पुलिस की मौजूदगी में जाल काटकर जाल में घुसे और दुकान की शटर ऊपर करके देखा तो उसका भतीजा फांसी के फंदे पर लटका मिला। आखिर रात में उसके सामने ऐसी कौनसी परिस्थिति आ गई की बच्चे को आत्महत्या करनी पडी़।

सीआईडी जांच की मांग और मंत्री के निर्देश

उन्होंने फांसी के फंदे तथा रस्सी व कई ऐसे अन्य बिंदुओं जो पुलिस व अनुसंधान का विषय है पर सवाल उठाते हुए सीआईडी या किसी अन्य जांच अधिकारी से अनुसंधान कराने की मांग करते आरोप लगाया कि खेडली थाना पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। महीना भर गुजरने के बाद भी पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कोई कदम नहीं उठाया है जिससे पीडि़त संतुष्ठ हो। मामले को लेकर मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने जांच बदलने को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते अलवर पुलिस अधीक्षक से बात कर मामले की निष्पक्ष व तुरत अनुसंधान कराने के निर्देश दिए। बता दें इससे पूर्व तारीख 17 फरवरी 2026 मंगलवार को पत्रकार ने अतिरिक्त महानिदेशक (क्राइम) को भी उक्त मामले की मांग करते हुए परिवाद प्रस्तुत किया था।

Mohan Joshi, Bharatpur

Mohan Joshi, Bharatpur

नाम: मोहन लाल जोशी

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं

परिचय एवं अनुभव 

मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:

  • राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
  • ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
  • शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:

  • स्नातक (Graduation)
  • बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
  • पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।

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