भुसावर कस्बे सहित उपखण्ड क्षेत्र के विभिन्न घरों, मन्दिरों और देवालयों में माघ मास के शुक्ल पक्ष के ग्यारहवें दिन मनाए जाने वाली जया एकादशी आज 29 जनवरी को श्रद्धा और भक्ति के संगम के साथ मनाई गई।

पूजा-अर्चना एवं विशेष संयोग

श्रद्धालुओं और सनातन धर्मप्रेमियों ने भगवान विष्णु जी के साथ देव गुरु बृहस्पति देव की पूजा-अर्चना की। सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग के संयोग में भगवान विष्णु जी और माता लक्ष्मी जी की आराधना कर परिवार में सुख-शांति, समृद्धि एवं जीवन के संकटों को दूर करने की मनोकामनाएं मांगी गई।

प्रमुख मंदिर एवं अनुष्ठान

कस्बे के विभिन्न मंदिरों में ठाकुर जी और लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर फल, फूल एवं नैवेद्य अर्पित किए गए:

  • ऐतिहासिक प्राचीन कोठी वाले हनुमानजी मन्दिर, भगतराज वाले हनुमानजी मन्दिर और पंचमुखी हनुमान जी मन्दिर।
  • हूंकारेश्वर महादेव मन्दिर, लक्ष्मण जी मन्दिर, चतुर्भुज जी मन्दिर और दाऊजी महाराज मन्दिर।
  • राधा कृष्ण युगल किशोर जी मन्दिर, विष्णु भगवान मन्दिर एवं बनखंडी वाले हनुमान जी मन्दिर प्रांगण।

हवन यज्ञ और भक्ति भाव

प्राचीन कोठी वाले हनुमानजी मन्दिर परिसर में महिला श्रद्धालुओं द्वारा वैदिक धर्म अनुसार हवन यज्ञ में आहुतियां प्रदान की गईं। मोक्ष प्राप्ति की कामना को लेकर श्रद्धालुओं ने हवन यज्ञ में आहुति दी और सहस्त्रनाम पाठ कर अपनी हाजिरी लगाई। भक्त ढोलक, झांझ, मजीरा की थाप पर भजनों के माध्यम से नृत्य कर भगवान को रिझाते नजर आए।

जया एकादशी का महत्व एवं शुभ समय

पण्डितों ने जानकारी देते हुए बताया:

"जया एकादशी को भीष्म एकादशी, पाप विनाशिनी एकादशी और कौजया एकादशी आदि के नाम से भी जाना जाता है।"

शुभ समय तालिका: | अवसर | समय अवधि | सुबह का शुभ समय | 07 बजकर 10 मिनट से 08 बजकर 32 मिनट तक | | विशेष पुण्य काल | सुबह 11 बजकर 16 मिनट से दोपहर 03 बजकर 21 मिनट तक |

Pratahkal Bureau

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