गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेड़म ने सेवल मंदिर में पूजा कर जन्मदिन मनाया
डीग के सीकरी स्थित मंदिर में गृह राज्य मंत्री ने वनविहारी महाराज के दर्शन किए, आरती उतारी और साधु-संतों का आशीर्वाद लिया।

तस्वीर में मंत्री जवाहर सिंह बेड़म समर्थकों के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना करते दिख रहे हैं।
डीग, 1 सितंबर। राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेड़म ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर सेवल मंदिर, सीकरी पहुंचकर श्री वनविहारी महाराज के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने हनुमान जी की आरती और गौ माता की आरती की।
जवाहर सिंह बेड़म ने मंदिर परिसर में आयोजित अखंड हरि नाम संकीर्तन में सहभागी बनकर भगवान श्री कृष्ण का स्मरण किया। इसके बाद उन्होंने साधु-संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर सैकड़ों लोग मौजूद रहे। जन्मदिवस के मौके पर गृह राज्य मंत्री की मंदिर यात्रा के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों और संकीर्तन में उनकी सहभागिता प्रमुख रूप से रही।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
