भुसावर क्षेत्र के नेशनल हाईवे स्थित गांव छौंकरवाड़ा कलां में जल जीवन मिशन योजना की आकाशीय टंकी ठप पड़ने से आधे गांव में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। यह संकट मुख्य रूप से प्राइवेट पम्प चालक को वेतन नहीं दिए जाने के कारण सामने आया है।

गांव की जल जीवन मिशन टंकी के प्राइवेट पम्प चालक शिवराम आर्य को ठेकेदार जगदीश ने इस साल 12 जनवरी से मासिक वेतन पर रखा था। हालांकि, बीते तीन महीनों से उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है। वेतन की मांग पर ठेकेदार ने ग्राम पंचायत को टंकी का हैंडओवर करने का बहाना बनाकर भुगतान में लगातार देरी की है।

इस संकट में ग्राम पंचायत की सरपंच फूलवती देवी जाटव और ग्राम विकास अधिकारी बनय सिंह भी शामिल हैं, जिन्होंने तीन महीने से बकाया वेतन देने में आनाकानी की। इसके कारण गांव की आधी आबादी पेयजल की किल्लत से जूझ रही है। सरपंच प्रतिनिधि नरेन्द्र जाटव ने बकाया वेतन भुगतान का आश्वासन दिया था, फिर भी उसे फौरन भुगतान नहीं किया गया।

ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता को समस्या से अवगत कराया है। सहायक अभियंता शैलेंद्र सैनी ने बताया कि जल्द ही टंकी से पेयजल आपूर्ति बहाल की जाएगी। हालांकि, फिलहाल ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

इस मामले में साफ हो रहा है कि जेजेएम टंकी के ठेकेदार और पंचायत प्रतिनिधियों की मनमानी का खामियाजा सीधे ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। आगामी पंचायत चुनावों के मद्देनज़र भी इस गंभीर समस्या की ओर स्थानीय जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं गया है।

यह घटना न केवल ग्रामवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित कर रही है, बल्कि यह योजना संचालन और सरकारी योजनाओं की जवाबदेही पर भी सवाल उठाती है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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