भरतपुर: अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर बाबूराम वेदांता स्पेशल स्कूल में लायंस क्लब भरतपुर कोहिनूर के तत्वावधान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्लब के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने मुख्य आतिथ्य संभाला और कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के समक्ष माल्यार्पण से किया। इस अवसर पर संस्थापक लायन रमेश चंद सिंघल, पीएमजेएफ लायन प्रेमपाल सिंह, लायन डॉ. मगन प्रसाद, लायन कमल कपूर, लायन मोहन मंगलानी, लायन संजय खंडेलवाल, लायन रामवीर सिंह डागुर, लायन प्रमोद खंडेलवाल और स्कूल के उप प्रधानाचार्य राकेश गर्ग भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की शुरुआत में प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने कहा, “दिव्यांगजन केवल सहायता के पात्र नहीं हैं, बल्कि ये प्रतिभा, प्रेरणा और भविष्य की संभावनाओं के प्रतीक हैं। हमें इनके प्रति संवेदनशील रहकर उन्हें आगे बढ़ाने के समान अवसर देने चाहिए।” उन्होंने यह भी बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सन 1992 से अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस मनाना शुरू किया और इसका उद्देश्य दिव्यांगों के अधिकारों, कल्याण और समाज में समावेशन के प्रति जागरूकता फैलाना है।

इस अवसर पर विद्यालय के मूक बधिर एवं मानसिक रूप से विमंदित विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। उनके उत्साह और प्रतिभा को देखकर लायंस क्लब की ओर से प्रत्येक छात्र को 1100 रुपए नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम संयोजक एमजेएफ लायन प्रवीण फौजदार ने विद्यार्थियों को बिस्कुट और केले के पैकेट वितरित किए, जबकि डीपीएस और शारदा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निदेशक लायन रामवीर डागुर ने पेंसिल और रबर देकर उनका उत्साह बढ़ाया।

उप प्रधानाचार्य राकेश गर्ग ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 3 दिसंबर को इस विद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जाता है। इस कार्यक्रम में लायंस क्लब के पदाधिकारियों, विद्यालय के शिक्षक गणों – धन सिंह मदेरणा, करतार सिंह मदेरणा और कविता कुमारी को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर लायंस क्लब के संयुक्त सचिव सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. मगन प्रसाद ने कहा कि हमारा समाज ऐसा होना चाहिए, जहां हर व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के सम्मान और गरिमा के साथ जीवन यापन कर सके। उन्होंने प्रमुख भारतीय दिव्यांग खिलाड़ियों – देवेंद्र झाझरिया, दीपा मलिक, अरुणिमा सिन्हा और सत्येंद्र सिंह लोहिया – का उदाहरण देते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया है।

कार्यक्रम का संचालन प्रवेंद्र सिंह राणा ने किया, जबकि संस्था के शिक्षक, विद्यार्थियों के अभिभावक और सभी विद्यार्थी गण मौजूद थे। इस आयोजन ने न केवल दिव्यांगजन की प्रतिभा को प्रदर्शित किया, बल्कि समाज में उनके प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण और समावेशिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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