भुसावर/वैर। राजस्थान सरकार द्वारा पर्यावरण सुधार और स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल पर चलाए जा रहे ‘हरियाली राजस्थान’ एवं ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के बीच भुसावर और वैर विधान सभा क्षेत्रों में अवैध रूप से लकड़ी की कटाई का संकट गहराता जा रहा है। स्थानीय वन माफिया और आरा मशीन संचालकों की मिलीभगत से हरियाली का लगातार दोहन हो रहा है, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों और वन विभाग की अनदेखी इस अराजकता को बढ़ावा दे रही है।

जानकारी के अनुसार, वैर, भुसावर उपखंड के कई गांवों—सैंधली, बल्लभगढ़, रणधीरगढ़, पथैना, अलीपुर, नैवाडा, सिरस, बारोंली, समराया—में दो दर्जन से अधिक अवैध आरा मशीनें रात-दिन हरे वृक्षों पर कुल्हाड़ी और लोहे की आरा चला कर जंगलों का विनाश कर रही हैं। इस अवैध कटाई से वन्य जीवों का जीवन भी संकट में है और जंगली जानवर अब ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवेश करने लगे हैं।

स्थानीय वन प्रेमियों राकेश चौधरी, हरभजन, प्रदीप, नीरज और कौशल ने बताया कि कई बार वन मंत्री और जिला प्रशासन को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन वन माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अवैध लकड़ी कटाई और आरा मशीन संचालन में वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है, जिससे रेंजरों के निर्देशों की पालन सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।

स्थानीय रेंज अधिकारी जतिन सिंह ने कहा कि अवैध लकड़ी दोहन और आरा मशीन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं। वहीं नदबई रेंजर राजेश शर्मा ने आरा मशीनों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण आदेश पूरी तरह लागू नहीं हो रहे।

विशेषज्ञों और वन प्रेमियों का कहना है कि अगर सरकार ने अवैध लकड़ी कटाई पर तत्काल प्रतिबंध नहीं लगाया, तो न केवल वन्य जीवन बल्कि मानव जीवन भी खतरे में पड़ सकता है। वहीं, जिले में लकड़ी के बड़े भंडार, जैसे शीशम और पीपल, खुलेआम फर्नीचर उद्योग और देश-प्रदेश में भेजे जा रहे हैं, जो इस अवैध व्यवसाय की गंभीरता को दर्शाता है।

भुसावर और वैर इलाके की वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि पर्यावरण संरक्षण और सरकारी अभियानों के बावजूद वन माफिया खुलेआम हरे वृक्षों की कटाई कर जंगलों का सफाया कर रहे हैं, और वन विभाग की नाकामी से यह कार्य और अधिक बढ़ रहा है।

Mohan Joshi, Bharatpur

Mohan Joshi, Bharatpur

नाम: मोहन लाल जोशी

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं

परिचय एवं अनुभव 

मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:

  • राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
  • ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
  • शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:

  • स्नातक (Graduation)
  • बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
  • पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।

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