भरतपुर में इफको ने नैनो उर्वरक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया, किसानों और रिटेलर्स को नई तकनीक से किया परिचित
भरतपुर में इफको द्वारा आयोजित नैनो उर्वरक प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीग जिले के रिटेलर्स और सहकारी समितियों के व्यवस्थापक शामिल हुए। कार्यक्रम में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के लाभ, उपयोग और आधुनिक कृषि तकनीकों पर चर्चा की गई, साथ ही ड्रोन से स्प्रे का लाइव प्रदर्शन भी हुआ।

भरतपुर, 21 जनवरी। इफको ने डीग जिले में कृषि विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से नैनो उर्वरक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम जिले के सभी रिटेलर्स और सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों के लिए आयोजित किया गया, जिसमें कृषि क्षेत्र की नई तकनीकों और उर्वरक उत्पादों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला डीग के संयुक्त निदेशक कृषि रामकुंवर जाट ने की। इफको राजस्थान राज्य विपणन कार्यालय से आए डॉ. ए. पी. सिंह, प्रबंधक कृषि सेवाएं, ने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के लाभ, उपयोग और प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। डॉ. प्रियंका जोशी, कृषि विज्ञान केंद्र कुम्हेर से, ने नैनो यूरिया को किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रचार और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि नैनो डीएपी के प्रयोग से फसलों में बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं।
संयुक्त निदेशक रामकुंवर जाट ने उपस्थित सभी सदस्यों को निर्देश दिए कि वे किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के सही उपयोग और महत्व की जानकारी दें, और बीजोपचार में इफको नैनो डीएपी का प्रयोग कर प्रभाव दिखाने के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम में जिले के डिप्टी रजिस्ट्रार रामावतार और डीग की सभी कृषि सहकारी समितियों के व्यवस्थापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन इफको भरतपुर के उप क्षेत्र प्रबंधक श्याम सुंदर ने किया। इसके साथ ही, इफको एमसी से ओमप्रकाश ने कीटनाशक दवाओं के सही उपयोग और सुरक्षा उपायों पर चर्चा की। सुरेश कुमार चोपड़ा ने इफको नैनो वेंशन के नए उत्पादों से संबंधित जानकारी दी।
विशेष आकर्षण के रूप में, इफको ड्रोन पायलट जितेन्द्र ने ड्रोन के माध्यम से कृषि क्षेत्र में स्प्रे करने का लाइव प्रदर्शन किया, जिससे उपस्थित सदस्यों को आधुनिक तकनीक के व्यावहारिक उपयोग का अनुभव हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ओमवीर सोलंकी, रामकिशोर गोस्वामी और कृष्ण कुमार सहित कई अन्य कृषि विशेषज्ञों ने भाग लिया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों और रिटेलर्स के लिए न केवल नई तकनीकों से परिचित होने का अवसर साबित हुआ, बल्कि जिले में उर्वरक प्रबंधन और कृषि उत्पादन में सुधार के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
