डीग, 26 नवंबर। पूर्व जिला उपाध्यक्ष गिरीश शर्मा के नेतृत्व में बुधवार को तालाबों में गंदे पानी के प्रवाह, घाटों की सफाई की कमी और मछलियों की बढ़ती मौत को लेकर स्थानीय नागरिकों ने आमरण अनशन शुरू किया। गिरीश शर्मा ने बताया कि जिले के लगभग 30 प्रतिशत घरों का गटर का पानी सीधे तालाबों में जाता है और अधिकांश स्थानों पर लैट्रिन टैंक भी नहीं बने हैं, जिससे गंदा पानी सीधे जलाशयों में गिरता है।

उन्होंने कहा कि मलमास के समय यहां 84 कोस परिक्रमा के दौरान हजारों श्रद्धालु स्नान कर आचमन करते थे, लेकिन वर्तमान में गोपाल सागर और रूप सागर दोनों तालाबों में गटर युक्त पानी आने के कारण श्रद्धालु नहाने से भी कतराने लगे हैं। जल महल देखने आने वाले पर्यटक भी बदबू और गंदगी से प्रभावित हो रहे हैं। गिरीश शर्मा ने बताया कि तीनों संबंधित विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हैं, जिसके कारण तालाबों की सफाई और संरक्षण नहीं हो पा रहा है।

अनशन में गिरीश शर्मा के साथ जतिन गुप्ता, रघुवीर सैनी, शंकर सैनी, नरेश सैनी, देवेंद्र, गोविंद, राजीव कुलश्रेष्ठ, बबलू और कन्हैया डागुर सहित कई स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। उन्होंने प्रशासन से तालाबों की नियमित सफाई और गटर का पानी रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

गिरीश शर्मा ने स्पष्ट किया कि जब तक गटर का पानी और घाटों की सफाई नहीं होती, उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। यह आंदोलन न केवल स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और स्वच्छता की मांग है, बल्कि पर्यटकों और धार्मिक गतिविधियों की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है।

Pratahkal Bureau

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