बयाना उपखंड के वस्त्रावली कहार का नगला गांव में बीती रात तब अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक आसमान में चमकी एक तेज स्पार्किंग ने कुछ ही मिनटों में दो परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। गांव की शांत रात एक चीखभरी भगदड़ में बदल गई, क्योंकि 33 केवी बिजली लाइन के ऊपर से निकली चिंगारियों ने दो कच्चे छप्परपोश घरों को पल भर में आग की लपटों में घेर लिया।

आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते घरों में रखा घरेलू सामान, अनाज, बिस्तर, कपड़े और बर्तन सब कुछ राख में तब्दील हो गया। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया, जब पशुबाड़े में फंसी जालीनुमा बाड़ के कारण लगभग 30 बकरियां बाहर नहीं निकल सकीं और लपटों में जलकर दम तोड़ती रहीं। यह पूरा मंजर गांव को स्तब्ध कर देने वाला था।

यह हादसा भूरी सिंह और पवन सिंह कहार के घरों में हुआ। घरों के ऊपर से गुजर रही 33 केवी लाइन में अचानक तीव्र स्पार्किंग हुई, जिसकी गिरती चिंगारियां सीधे छप्पर और पशुबाड़े पर आ लगीं। आग पर काबू पाने की ग्रामीणों ने भरसक कोशिश की, लेकिन तेज हवा और सूखे छप्पर ने लपटों को और भड़का दिया। आग बुझाने के प्रयास में भूरी सिंह की बेटियां नीरज (18) और गीता (16) तथा पवन सिंह (36) गंभीर रूप से झुलस गए। तीनों को तुरंत बयाना उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

घटना की खबर मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। विधायक डॉ. ऋतु बनावत, उनके पति एवं पूर्व जिलाध्यक्ष ऋषि बंसल, एडिशनल एसपी हरिराम कुमावत सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। विधायक ने मौके पर पीड़ित परिवार को 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की तथा अस्पताल जाकर घायलों की स्थिति की जानकारी ली।

इस भीषण हादसे ने गांव में भय और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीण अब बिजली लाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार राख में तब्दील अपने घरों की तरफ देख कर मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

Pratahkal Bureau

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