उपभोक्ता संरक्षण में ऐतिहासिक कदम: डीग में जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद की बैठक, अब प्रशासन बनेगा उपभोक्ता की आवाज
राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर डीग में जिला कलेक्टर उत्सव कौशल की अध्यक्षता में जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 के तहत प्रशासन को आयोग में परिवाद दायर करने की शक्ति, गरीब उपभोक्ताओं को निशुल्क न्याय और बाजार में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

डीग, 24 दिसंबर। राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के अवसर पर डीग जिला मुख्यालय में उपभोक्ता अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल देखने को मिली। जिला कलेक्टर एवं जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद के अध्यक्ष उत्सव कौशल की अध्यक्षता में आयोजित परिषद की बैठक ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब उपभोक्ता अपने अधिकारों की लड़ाई में अकेला नहीं है, बल्कि पूरा प्रशासन उसके साथ खड़ा होगा।
बैठक में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 की मूल भावना को व्यवहार में उतारने और उपभोक्ताओं को त्वरित एवं प्रभावी न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी नवीन दिशानिर्देशों पर गहन चर्चा की गई। जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने शासनादेश का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य सरकार की ऐतिहासिक पहल है, जिसके तहत अब प्रशासन उपभोक्ता आयोगों में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 की धारा 35 की उपधारा (1) के खंड (घ) के अंतर्गत जिला रसद अधिकारी और प्रवर्तन निरीक्षकों को यह अधिकार दिया गया है कि वे उपभोक्ता की ओर से सक्षम उपभोक्ता आयोग में परिवाद प्रस्तुत कर सकेंगे। जिला कलेक्टर ने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता की शिकायत का समाधान हेल्पलाइन या विभागीय स्तर पर नहीं हो पाता है, तो प्रशासन स्वयं आगे आकर आयोग का दरवाजा खटखटाएगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रशासन अब मूकदर्शक नहीं, बल्कि उपभोक्ता हितों का संरक्षक बनेगा।
बैठक में जिला रसद अधिकारी भागूराम महला ने विभागीय और तकनीकी पक्ष को विस्तार से रखते हुए बताया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की भूमिका केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि बाजार में उपभोक्ताओं के साथ हो रही ठगी, मिलावट और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण करना भी विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा परिवाद दायर करने की प्रक्रिया को सरल और मजबूत बनाने के लिए उपभोक्ता सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे, जिनमें सेवानिवृत्त न्यायिक अथवा प्रशासनिक अधिकारियों की सेवाएं ली जाएंगी, ताकि उपभोक्ता आयोग में दायर होने वाले परिवाद विधिक दृष्टि से सुदृढ़ हों।
बैठक के दौरान विधिक सहायता और आर्थिक प्रावधानों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। बताया गया कि उपभोक्ता आयोग में परिवाद प्रस्तुत करने वाले अधिकारी अथवा प्रवर्तन निरीक्षक को जिला आयोग के लिए 1300 रुपये और राज्य आयोग के लिए 2100 रुपये की राशि उपभोक्ता कल्याण कोष से देय होगी, जो टंकण, स्टेशनरी और अन्य आवश्यक व्ययों के लिए होगी। बीपीएल और अंत्योदय श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए यह प्रक्रिया पूर्णतः निशुल्क रखी गई है, जबकि अन्य उपभोक्ताओं को नियमानुसार न्यायालय शुल्क जमा करना होगा। इसे गरीब और वंचित उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया गया।
बैठक में उपस्थित पेट्रोल पंप संचालकों, उचित मूल्य दुकानदारों और गैस एजेंसी प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने गुणवत्ता और नापतोल में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अब मिलावट या नापतोल में गड़बड़ी पाए जाने पर केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने व्यापारियों से ‘ग्राहक देवो भवः’ की परंपरा को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस की थीम के अनुरूप डिजिटल युग में बढ़ती साइबर ठगी और भ्रामक विज्ञापनों से उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की अपील भी की गई। जिला कलेक्टर ने आमजन से आग्रह किया कि वे खरीदारी करते समय पक्का बिल अवश्य लें और किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने से न हिचकें।
बैठक में जिला रसद अधिकारी भागूराम महला, विधिक माप विज्ञान अधिकारी, विभिन्न पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि, उचित मूल्य दुकानदार संघ के पदाधिकारी और संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे। संयुक्त निदेशक कृषि विभाग, जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप सिंह, विकास अधिकारी डीग जतन सिंह गुर्जर सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहन सिंह ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
यह बैठक न केवल उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक मजबूत संदेश बनकर उभरी, बल्कि यह भी स्पष्ट कर गई कि अब डीग जिले में उपभोक्ता न्याय की लड़ाई में प्रशासन पूरी शक्ति के साथ मैदान में उतर चुका है।
- डीग जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद बैठक 2024District Consumer Protection Council Deeg meetingउपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 डीगConsumer Protection Act 2019 Deeg Rajasthanजिला कलेक्टर उत्सव कौशल उपभोक्ता दिवस डीगNational Consumer Day Deeg Rajasthan newsडीग में उपभोक्ता आयोग प्रशासनिक परिवादDeeg administration filing consumer complaintsभागूराम महला जिला रसद अधिकारी डीगDeeg consumer rights awareness meetingराजस्थान उपभोक्ता संरक्षण परिषद समाचारConsumer grievance redressal Deeg district

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
