भुसावर में गुप्त नवरात्रि का शंखनाद: सर्वार्थ सिद्धि योग के बीच दश महाविद्याओं की साधना में लीन हुए श्रद्धालु
भुसावर में दो शुभ संयोगों, कुमार योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के बीच माघ गुप्त नवरात्रि का भव्य शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने दश महाविद्याओं की साधना और कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय अनुष्ठान शुरू किया। जानिए शुभ मुहूर्त और तंत्र साधना के इस विशेष पर्व का पूरा विवरण, जो 27 जनवरी को कन्या पूजन के साथ संपन्न होगा।

भुसावर। तंत्र, मंत्र और अटूट श्रद्धा के संगम 'गुप्त नवरात्रि' का पावन पर्व आज से भुसावर कस्बे सहित संपूर्ण उपखंड क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ शुरू हो गया है। सोमवार, 19 जनवरी को माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ ही सनातन धर्मप्रेमियों और मां दुर्गा के उपासकों ने विशेष सिद्धियों की प्राप्ति के लिए अपनी गुप्त साधना का श्रीगणेश किया। इस वर्ष का शुभारंभ विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है क्योंकि मां भगवती की आराधना का यह पर्व कुमार योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे दो अत्यंत शुभ संयोगों के बीच शुरू हुआ है, जो साधकों की मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।
कस्बे में सुबह से ही मंदिरों और घरों में भक्ति का माहौल देखा गया। श्रद्धालुओं ने शास्त्रोक्त विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर नौ दिनों के अनुष्ठान का संकल्प लिया। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, घट स्थापना का प्रथम शुभ समय सुबह 08 बजकर 34 मिनट से 09 बजकर 59 मिनट तक रहा, वहीं अनेक भक्तों ने दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहने वाले 45 मिनट के अभिजीत मुहूर्त में मां का आह्वान किया। इन नौ दिनों तक श्रद्धालु अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित कर दुर्गा सप्तशती का पाठ करेंगे और लौंग-बताशे के भोग के साथ हवन-यज्ञ में आहुतियां देकर अपनी अरदास मां के चरणों में अर्पित करेंगे।
विद्वान पंडितों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्ष में आने वाली चार नवरात्रियों में गुप्त नवरात्रि का स्थान तंत्र और गुप्त साधना के लिए सर्वोपरि है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि जहां सार्वजनिक उत्सव का रूप लेते हैं, वहीं आषाढ़ और माघ मास की गुप्त नवरात्रि केवल गोपनीय मनोकामनाओं, तंत्र-मंत्र की सिद्धि और दश महाविद्याओं की उपासना के लिए समर्पित होती है। इन दिनों मां दुर्गा के दस स्वरूपों—महाकाली, तारा, छिन्नमस्ता, षोडशी, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला—की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। यह पर्व न केवल सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति का मार्ग है, बल्कि आध्यात्मिक साधकों के लिए मोक्ष प्राप्ति का सोपान भी माना जाता है। इस नौ दिवसीय अनुष्ठान का भव्य समापन 27 जनवरी को पूर्णाहूति, कन्या पूजन और महाप्रसादी के साथ होगा, जिसमें भुसावर क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

Mohan Joshi, Bharatpur
नाम: मोहन लाल जोशी
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं
परिचय एवं अनुभव
मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:
- राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
- ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
- शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:
- स्नातक (Graduation)
- बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।
