जयपुर, 20 दिसम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” के मूल मंत्र के मार्गदर्शन में राजस्थान सरकार ने पिछले दो वर्षों में राज्य के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव को समृद्ध करते हुए पर्यटन उद्योग को नई पहचान दिलाई है। राज्य में पर्यटन को न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, बल्कि पर्यटकों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन के सतत विकास के प्रयासों का परिणाम है कि वर्ष 2024 में देशी पर्यटकों की संख्या में 28.50 प्रतिशत और विदेशी पर्यटकों की संख्या में 21.92 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2025 में अगस्त तक, वर्ष 2024 की समान अवधि की तुलना में देशी एवं विदेशी पर्यटक यात्राओं में 11.71 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस तेजी से बढ़ती संख्या के साथ राजस्थान देश में पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता के मामले में 5वें स्थान पर आ गया है।

राज्य सरकार ने पर्यटन के विभिन्न आयामों—हैरिटेज, धार्मिक, ग्रामीण, एडवेंचर और ईको टूरिज्म—को विकसित करने के लिए पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों के लिए राजस्थान टूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड कैपेसिटी बिल्डिंग फंड (RTICF) का गठन किया है। वर्ष 2025 तक राज्य में 15 करोड़ से अधिक देशी पर्यटक और लगभग 12 लाख विदेशी पर्यटक राजस्थान का भ्रमण कर चुके हैं।

पर्यटन क्षेत्र में निवेश और रोजगार सृजन को गति देने के लिए 4 दिसम्बर 2024 से राजस्थान पर्यटन इकाई नीति लागू की गई, जिससे नए उद्यमों की स्थापना को बढ़ावा मिला और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए। महाराणा प्रताप और ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट के विकास के लिए 100-100 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिसमें ऐतिहासिक स्थल और जनजातीय संस्कृति के प्रमुख केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा ब्रज चौरासी परिक्रमा, कृष्ण गमन पथ, आइलैंड टूरिज्म और 252 धार्मिक पर्यटन स्थलों का जीर्णोद्धार भी जारी है।

हेरिटेज संरक्षण के क्षेत्र में झुंझुनूं, सीकर और चूरू की 662 हवेलियों का संरक्षण किया जाएगा। डेस्टिनेशन वेडिंग और फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 86 फिल्मांकन अनुमतियां दी गईं, और जयपुर में प्रतिष्ठित आईफा अवार्ड तथा “Wed in India Expo” का आयोजन किया गया, जिससे राजस्थान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली।

सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में पहली बार भव्य तीज मेले और घूमर फेस्टिवल का आयोजन किया गया, और 214 कलाकारों को स्वरोजगार प्रशिक्षण प्रदान किया गया। पर्यटन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य में 15 फरवरी 2024 से विशेष अभियान चलाकर 1,075 लापकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों से ऑनलाइन फीडबैक लेने की व्यवस्था शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई पंच गौरव योजना के तहत 550 करोड़ रुपये के बजट से प्रत्येक जिले को उसकी विशिष्ट पहचान के आधार पर विकसित किया जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित किया जा रहा है, बल्कि राज्य में पर्यटन के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बल मिला है।

राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र में यह विकास नई दिशा और पहचान का प्रतीक है, जो राज्य को न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित कर रहा है।

Pratahkal Bureau

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