डीग जिले में धूमधाम से मनाया गया गणगौर का पर्व, महिलाओं ने की विशेष पूजा
महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती की मिट्टी की प्रतिमाएं बनाकर विधि-विधान से पूजा की और परिवार की सुख-समृद्धि एवं पति की लंबी आयु की कामना की।

डीग जिले में गणगौर का पर्व धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान महिलाओं ने सज-संवरकर भगवान शिव और गोरा पार्वती की मिट्टी की प्रतिमा बनाई। महिलाओं ने पूरी श्रद्धा के साथ इन प्रतिमाओं की भक्ति भाव से दूब, चंदन, गुना, फूल और विभिन्न प्रकार की माता पार्वती की पूजा सामग्री से पूजार्चना की।
परंपरा और भक्ति का संगम
गणगौर राजस्थान का विशेष पर्वों में से एक है जिसे महिलाएं बड़ी भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाती हैं। जिले के शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में स्नानादि कर सुबह के समय पूजा अर्चना की गई। इधर महिलाओं ने गणगौर की पूजा कर अपने पति की लंबी आयु और बच्चों की सुख समृद्धि के लिए भगवान शिव और पार्वती जी से प्रार्थना की।
शोभायात्रा और पकवानों की धूम
शाम को शहर में गणगौर की शोभायात्रा निकाली जाती है। इस दौरान घरों में गणगौर की पूजा के लिए विभिन्न प्रकार के व्यंजन और पकवान भी बनाए जाते हैं। वहीं जिले के शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में स्नानादि कर सुबह के समय पूजा अर्चना के पश्चात शाम को शहर में गणगौर की शोभायात्रा निकाली जाती है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
