भुसावर में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन: बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों की अब खैर नहीं, शिविर में उमड़े व्यापारी
भुसावर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों पर सख्ती बढ़ा दी है। महेश शर्मा के नेतृत्व में आयोजित विशेष शिविर में 95 व्यापारियों ने मौके पर ही लाइसेंस और पंजीकरण करवाए। थोक विक्रेताओं से लेकर रेहड़ी-पटरी वालों तक, अब सभी खाद्य व्यवसायियों के लिए नियम अनिवार्य कर दिए गए हैं। जानिए क्या है पूरी प्रक्रिया और विभाग की अगली तैयारी।

भुसावर। कस्बे के खाद्य कारोबारियों के लिए अब नियम और कायदों की पालना करना अनिवार्य हो गया है, क्योंकि खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिना लाइसेंस व्यापार करने वालों के खिलाफ कड़े तेवर अपना लिए हैं। शुद्ध आहार और कानूनी व्यापार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना पंजीकरण के संचालन करने वाले प्रतिष्ठानों पर अब गाज गिरना तय है। इसी कड़ी में व्यापारियों को सुविधा देने और उन्हें कानूनी दायरे में लाने के लिए गुरुवार को कस्बे की पुरानी सब्जी मंडी स्थित सेठ मांगीलाल भडाके वाले अग्रवाल समाज भवन में एक विशेष खाद्य लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन शिविर का आयोजन किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय भरतपुर के निर्देशन में आयोजित इस शिविर का नेतृत्व महेश शर्मा ने किया। शिविर के दौरान विभाग के अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला और मौके पर ही व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया। विभाग की इस सक्रियता का असर भी देखने को मिला, जहाँ क्षेत्र के विभिन्न श्रेणियों से जुड़े कुल 95 कारोबारियों ने सजगता दिखाते हुए अपने पंजीकरण करवाए और लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी कर लाभ उठाया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कड़ा संदेश देते हुए जानकारी दी कि अब कोई भी छोटा या बड़ा खाद्य व्यवसायी इस नियम से अछूता नहीं रहेगा। चाहे वह थोक या फुटकर व्यापारी हो, फेरी लगाने वाला हो, कैटरिंग संचालक, ट्रांसपोर्टर, फूड प्रोडक्शन यूनिट या फिर मेडिकल स्टोर ही क्यों न हो, सभी के लिए लाइसेंस अनिवार्य है। इसके साथ ही मदिरा की दुकानें, फल-सब्जी, मांस-अंडा विक्रेता, चाट-पकौड़ी के ठेले, किराना, मिठाई और नमकीन जैसे तमाम व्यवसायों को भी पंजीकरण के दायरे में लाया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लाइसेंस बनवाने के लिए व्यापारियों को नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और आधार कार्ड के साथ-साथ व्यवसाय स्थल के स्वामित्व का प्रमाण या घोषणा पत्र देना होगा। इसके अलावा पार्टनरशिप डीड, निर्माण इकाई के प्रोसिडिंग एरिया का फोटो व लेआउट, पानी की जांच रिपोर्ट और मंडी जैसे संबंधित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। विभाग की इस सख्ती और जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य भुसावर में आमजन को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना और व्यापारिक ढांचे को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। इस कार्रवाई के बाद अब कस्बे के बाजार में हड़कंप के साथ-साथ नियमों के प्रति एक नई जिम्मेदारी भी देखी जा रही है।

Mohan Joshi, Bharatpur
नाम: मोहन लाल जोशी
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं
परिचय एवं अनुभव
मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:
- राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
- ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
- शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:
- स्नातक (Graduation)
- बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।
