डीग, 3 दिसंबर 2025।

डीग के पंचायत समिति सभागार में बुधवार सुबह एक ऐसे क्षण की शुरुआत हुई, जिसने जिले की प्रशासनिक ऊर्जा को नई दिशा दी। भरतपुर संभाग की संभागीय आयुक्त श्रीमती नलिनी कठोतिया ने जिला स्तरीय अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली, जिसमें उन्होंने सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं, बजट घोषणाओं और विभागीय प्रगति का गहन परीक्षण किया। बैठक का माहौल गंभीर था, और संदेश स्पष्ट—जनहित से जुड़े किसी भी कार्य में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं होगी।

बैठक के प्रारंभ में आयुक्त ने विभिन्न विभागों में स्टाफ की उपलब्धता और कार्यप्रणाली की जानकारी लेते हुए बजट घोषणाओं के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की स्थिति जानी। उन्होंने अधिकारियों को दोटूक निर्देश दिए कि वे अपने भौतिक और वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति को 95 से 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित करें। उनके स्वर में दृढ़ता थी और लक्ष्य साफ—जनहित के कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे होने चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अवगत कराया कि जिले में ई-केवाईसी आधारित आयुष्मान कार्ड वितरण 82.05 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। आयुक्त ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही शेष लाभार्थियों तक कार्ड पहुँचाने के लिए “मिशन मोड” में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना स्वास्थ्य सुरक्षा की आधारशिला है और इसका लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुँचना ही चाहिए। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम पर भी विशेष जोर देते हुए उन्होंने दवाओं की उपलब्धता और उनकी एक्सपायरी की नियमित मॉनिटरिंग की आवश्यकता दोहराई।

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में लगभग 20 प्रतिशत पेंडेंसी सामने आने पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। आयुक्त ने विभागीय सुपरविजन तंत्र को सशक्त बनाने और लंबित लाभार्थियों को समय पर सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि गर्भवती और धात्री महिलाओं के अधिकार प्रभावित न हों।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में पालनहार योजना का विषय प्रमुखता से उठा। आयुक्त कठोतिया ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नवीनीकरण का कार्य अकेला विभाग न संभाले, बल्कि इसे शिक्षा विभाग और आईसीडीएस के साथ समन्वयित अभियान के रूप में चलाया जाए, ताकि कोई भी पात्र अनाथ बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना के अंतर्गत 10, 20 और 50 हजार रुपए के ऋण वितरण की प्रगति की भी समीक्षा की और वेंडर्स को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया।

सड़क सुरक्षा और पशुपालन विभाग को भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। आयुक्त ने आरएसआरडीसी को निर्देशित किया कि सड़कों पर बने स्पीड ब्रेकर्स पर अनिवार्य रूप से पीली अथवा सफेद पट्टियां अंकित हों, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके। पशुपालन विभाग से उन्होंने मोबाइल वेटनरी यूनिट्स की वास्तविक कार्यशीलता, मानव संसाधनों और सेवाओं की उपलब्धता पर विस्तृत जानकारी लेते हुए पशुपालकों को घर-घर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही।

बैठक के दौरान जिला स्तरीय कार्यालयों के लिए भूमि आवंटन का मामला भी महत्वपूर्ण रहा। आयुक्त ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर को निर्देश दिए कि वे ‘क्लस्टर प्रणाली’ के आधार पर भूमि का चयन करें, ताकि सभी प्रमुख कार्यालय एक ही परिसर में स्थापित किए जा सकें। उनका तर्क था कि इससे आमजन को जगह-जगह भटकने की आवश्यकता नहीं रहेगी और उनकी समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर हो सकेगा।

बैठक के समापन पर संभागीय आयुक्त ने जिला कलेक्टर डीग उत्सव कौशल द्वारा जिले में किए जा रहे सतत मॉनिटरिंग प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए शेष कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। उनकी यह समीक्षा जिले में प्रशासनिक कार्यों की गति और पारदर्शिता को एक नई मजबूती प्रदान करती है।

Pratahkal Bureau

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