डीग, 04 दिसंबर। सुशासन और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला कलक्टर डीग़ उत्सव कौशल ने गुरुवार को जनूथर क्षेत्र का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका की जांच में पता चला कि मेडिकल ऑफिसर डॉ. विवेक कुमार और एएनएम साधना वर्मा बिना किसी पूर्व सूचना अनुपस्थित थे। इस लापरवाही पर जिला कलक्टर ने स्पष्ट कहा कि "सेवा में कोताही किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।" उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डीग को तुरंत कार्रवाई करते हुए राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 17 सीसी के तहत दोनों कार्मिकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

इसके बाद जिला कलक्टर ने अस्पताल के ओपीडी, वार्ड, एक्स-रे रूम और प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई, सुविधाओं और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा।

स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के बाद जिला कलक्टर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जनूथर पहुँचे। यहाँ उन्होंने 'प्रखर राजस्थान' कार्यक्रम के तहत विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और बुनियादी व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया। विज्ञान संकाय की कक्षा 11 में छात्रों से संवाद के दौरान उन्होंने 'साम्यावस्था' विषय पर तकनीकी प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वासपूर्वक सही उत्तर दिए, जिस पर कलक्टर ने शैक्षणिक स्तर और छात्रों की मेधा पर संतोष व्यक्त किया तथा उन्हें भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।

निरीक्षण के दौरान मिड-डे मील व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। संस्था प्रधान ने बताया कि पोषाहार की रसोई राजकीय प्राथमिक विद्यालय, जनूथर में संचालित है, जहाँ कक्षा 1 से 5 तक के छात्र भोजन ग्रहण करते हैं। कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए भोजन उच्च माध्यमिक विद्यालय में सुरक्षित रूप से पहुँचाया जाता है। इसके साथ ही जिला कलक्टर ने विद्यालय के खेल मैदान, उपस्थिति पंजिका और कक्षा-कक्षों की स्थिति का अवलोकन किया और प्रधान को निर्देशित किया कि शैक्षणिक वातावरण को और अधिक उत्कृष्ट बनाने के निरंतर प्रयास किए जाएं।

जिला कलक्टर के इस औचक निरीक्षण ने प्रशासनिक जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के संदेश को मजबूती दी है। स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में उनकी सख्ती और विद्यार्थियों के साथ संवाद ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकारी सेवाओं की जमीनी हकीकत पर निगरानी आवश्यक है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

Next Story