डीग: सावधान! कहीं आप भी तो नहीं हो रहे 'डिजिटल अरेस्ट' के शिकार? विधिक शिविर में विद्यार्थियों को सिखाए सुरक्षा के गुर
डीग के के.एल. जोशी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विधिक शिविर में विद्यार्थियों को साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट के खतरों से आगाह किया गया। अध्यक्ष हेमराज गौड व सचिव रेनू शकीत के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में पोक्सो एक्ट, नवीन कानूनों और सामाजिक कुरीतियों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी साझा की।

डीग। आज के डिजिटल युग में जहां तकनीक हमारे जीवन को सुगम बना रही है, वहीं साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से मासूम लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इसी गंभीर विषय पर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बुधवार को डीग के के.एल. जोशी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक वृहद विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डीग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस शिविर ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को न केवल कानूनी अधिकारों के प्रति सजग किया, बल्कि 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे आधुनिक अपराधों से बचने का कवच भी प्रदान किया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डीग के अध्यक्ष हेमराज गौड एवं सचिव (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) रेनू शकीत के कुशल निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम की कमान लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) की टीम ने संभाली। शिविर का मुख्य केंद्र बिंदु वर्तमान में तेजी से फैल रहा साइबर क्राइम रहा। विशेषज्ञों ने विस्तार से बताया कि कैसे अपराधी खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर ठगते हैं। विद्यार्थियों को आगाह किया गया कि वे इंटरनेट का प्रयोग करते समय किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल पर भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें।
कानूनी शिक्षा के इस महाकुंभ में केवल साइबर अपराध ही नहीं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों और मानवाधिकारों पर भी गहरा प्रकाश डाला गया। LADCS के सदस्यों ने अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के महत्व को समझाते हुए लैंगिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी बुराइयों के खिलाफ सख्त कानूनों की जानकारी दी। विशेष रूप से छात्र-छात्राओं को पोक्सो (POCSO) एक्ट की बारीकियों और देश में लागू हुए नवीन कानूनों के बारे में जागरूक किया गया, ताकि वे स्वयं की और अपने आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
इस गरिमामयी अवसर पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ विनोद शर्मा, डिप्टी चीफ राजेंद्र शर्मा, असिस्टेंट सोना गौतम, रोहन फौजदार और आशुतोष शर्मा ने अपने ओजस्वी संबोधन से विद्यार्थियों में विधिक चेतना का संचार किया। विद्यालय परिवार की ओर से उप प्रधानाचार्य निहाल सिंह, बीरबल सिंह, निशा कुमारी, रामेश्वर प्रसाद शर्मा, मनीष शर्मा और नेतराम मीणा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि कानूनी ज्ञान ही शोषण के विरुद्ध सबसे सशक्त हथियार है। इस प्रकार के आयोजन न केवल अपराधों पर लगाम लगाने में सहायक होते हैं, बल्कि एक न्यायप्रिय समाज के निर्माण में भी नींव का पत्थर साबित होते हैं।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
