डीग में वार्ड नम्बर 30 के पार्षद गौरव सोनी के नेतृत्व में मंगलवार, 29 सितंबर को नगर परिषद के सभापति अर्पित गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर शहर में कचरे के ढेर हटाने और नियमित सफाई की मांग की गई।

ज्ञापन में बताया गया कि डीग शहर में हनुमान बगीची नई सड़क एवं केदार पालीवाल के पास काफी समय से कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इसके चलते आसपास गंदगी और दुर्गंध का वातावरण बना हुआ है।

ज्ञापन में कहा गया कि उक्त स्थान के पास मंदिर स्थित है, जहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं का पूजा-अर्चना के लिए आवागमन रहता है। ऐसे धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थल के आसपास कूड़े के ढेर लगे होने से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है।

पार्षद गौरव सोनी ने हनुमान बगीची एवं केदार पालीवाल के पास लगे कचरे के ढेर तत्काल हटवाने, उक्त स्थान की साफ-सफाई करवाने तथा नियमित रूप से कूड़ा उठाने की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से नगर परिषद से इन स्थानों पर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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