डीग: विद्यार्थियों ने सीखा अपशिष्ट प्रबंधन, एफएसटीपी का शैक्षणिक भ्रमण
आरयूआईडीपी के तहत संस्कार वैली स्कूल के छात्रों ने जाना सेप्टिक टैंक की सफाई और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन का महत्व।

राजस्थान के डीग में आरयूआईडीपी द्वारा आयोजित शैक्षणिक भ्रमण के दौरान एफएसटीपी संयंत्र की कार्यप्रणाली समझते संस्कार वैली सेकेंडरी स्कूल के छात्र, शिक्षक और परियोजना अधिकारी।
राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के अंतर्गत संचालित सामुदायिक जागरूकता एवं जन-सहभागिता कार्यक्रम के तहत गुरुवार को डीग के संस्कार वैली सेकेंडरी स्कूल के छात्र-छात्राओं हेतु फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) का एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य भावी पीढ़ी को वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की तकनीकी प्रक्रियाओं से रूबरू करवाना था।
संयंत्र परिसर में आयोजित इस तकनीकी सत्र के दौरान परियोजना की संवेदक फर्म के प्रोजेक्ट मैनेजर पवन परमार ने विद्यार्थियों को एफएसटीपी की जटिल कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्राइमरी ट्रीटमेंट यूनिट, एमबीआर (मेम्ब्रेन बायोरिएक्टर), स्टेबलाइजेशन टैंक, स्क्रू प्रेस तथा स्लज ड्रायर की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि किस प्रकार दूषित कीचड़ को विभिन्न चरणों से गुजार कर शोधित किया जाता है। परमार ने इन इकाइयों की तकनीकी महत्ता और कचरे के निस्तारण की वैज्ञानिक विधि को अत्यंत सरल शब्दों में छात्र-छात्राओं के समक्ष प्रस्तुत किया।
इसी क्रम में आरयूआईडीपी की केप इकाई के सहायक सामाजिक विकास एवं जैंडर सपोर्ट अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आगामी समय में नगर परिषद क्षेत्र के निवासी अपने सेप्टिक टैंक अथवा सोकपिट को सुरक्षित रूप से खाली करवा सकेंगे। इसके लिए नगर परिषद में निर्धारित 1100 रुपए प्रति टैंकर का शुल्क जमा कराना होगा। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि एफएसटीपी में उपचारित होने वाले स्लज (कीचड़) को खाद के रूप में खेतों में उपयोग किया जाएगा, जो न केवल गंदगी से मुक्ति दिलाएगा बल्कि पर्यावरण को स्वच्छ और उर्वर बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगा।
अधिकारी ने जन-स्वास्थ्य और स्वच्छता के मानकों को पुख्ता करने के उद्देश्य से विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपने घरों के सेप्टिक टैंकों को प्रत्येक पांच वर्ष की अवधि में अनिवार्य रूप से खाली करवाएं। कार्यक्रम के अंत में सेप्टिक टैंक खाली कराने की समुचित प्रक्रिया से संबंधित जानकारी भी साझा की गई। इस शैक्षणिक आयोजन के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक नरेन्द्र तिवारी सहित समस्त विद्यार्थी एवं स्टाफ उपस्थित रहा। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ नागरिक उत्तरदायित्वों को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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