डीग, 25 फरवरी। उप निदेशक उद्यान - डीग की ओर से दिनांक 25/02/26 से 26/02/26 तक दो दिवसीय राज्य स्तरीय सेमीनार "उच्च उद्यानिकी तकनीक एवं प्रसंस्करण" विषय पर कृषि विज्ञान केन्द्र - कुम्हेर में आयोजित की जा रही है। इस महत्वपूर्ण सेमीनार में डीग जिले के साथ अलवर, करौली, भरतपुर, दौसा एवं धौलपुर जिले के 120 प्रगतिशील कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

भव्य शुभारंभ एवं अतिथियों का संबोधन

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कलेक्टर डीग उत्सव कौशल, संयुक्त निदेशक उद्यान खण्ड भरतपुर योगेश कुमार शर्मा, डॉ उदय भान सिंह अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय भुसावर, कृषि विज्ञान केन्द्र कुम्हेर के इंचार्ज डॉ नवाब सिंह, उप निदेशक उद्यान - सुरेश कुमार मान ने मां सरस्वती के दीप प्रज्ज्वलित कर एवं माल्यार्पण कर शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत सत्कार पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर किया गया। जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने डीग जिले के कृषकों से आह्वान किया कि "समय रहते आप उच्च उद्यानिकी तकनीकी का लाभ उठाएं, साथ ही राज्य में डीग जिले को उद्यानिकी का हब बनाने में सहयोग प्रदान करे, क्योंकि यहां उद्यानिकी की विपुल सम्भावनाए है।"

विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों पर चर्चा

संयुक्त निदेशक उद्यान खण्ड भरतपुर योगेश कुमार शर्मा ने राज्य स्तरीय सेमीनार के महत्व एवं कौन कौन विषय विशेषज्ञ होंगे एवं क्या क्या सुविधाएं प्रशिक्षणार्थियों के लिए उपलब्ध है पर प्रकाश डाला। कृषि विज्ञान केन्द्र कुम्हेर के इंचार्ज डॉ नवाब सिंह ने केन्द्र की गतिविधियों पर चर्चा की। उप निदेशक उद्यान सुरेश कुमार मान ने सेमीनार की गतिविधियों एवं जिले में उद्यानिकी विभाग के क्रिया-कलापों पर प्रकाश डाला। उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत देय अनुदान योजनाओं पर सविस्तार जानकारी साझा करते हुए, समय रहते इन्हें अपनाने का आह्वान किया। मंच संचालन महावीर सिंह सहायक कृषि अधिकारी ने किया एवं सेमीनार सुनियोजित तरीके से आयोजित करने के लिए सक्रिय रहे।

तकनीकी सत्र और स्मार्ट फार्मिंग का विजन

तकनीकी सत्र में डॉ उदय भान सिंह अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय भुसावर ने उच्च उद्यानिकी तकनीकी पर सविस्तार पावर पाइंट प्रजेंटेशन दिया। सत्य नारायण चौधरी- चीफ ट्रैनर, आई एच आई टी सी दुर्गापुरा -जयपुर, ने अपने व्याख्यान में उच्च उद्यानिकी तकनीकी की आवश्यकता, महत्व एवं प्रबंधन पर जानकारी पावर पाइंट प्रजेंटेशन के द्वारा साझा की। प्रशिक्षणार्थियों से फार्म प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन बनाने एवं उसमें नामांकन करवा कर आगे बढ़ने पर जोर दिया। चीफ ट्रैनर - सत्य नारायण चौधरी ने संरक्षित खेती को अपनाने पर जोर दिया एवं प्रशिक्षणार्थियों से निवेदन किया कि अपनी-अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार आप पाली हाउस, शेडनेट हाउस, लो टनल, फार्म पौंड, सौर ऊर्जा संयंत्र, वर्मी कम्पोस्ट युनिट लगवाने, प्याज भण्डारण संरचना बनवाने, खुली खेती में लूज फ्लावर, कट फ्लावर, विदेशी सब्जियों की उन्नत खेती, मशरूम उत्पादन यूनिट स्थापित करवाने एवं उक्त सभी से प्राप्त उत्पादों के श्रेणिकरण व पैकिंग हेतु पैक हाउस सुविधा का लाभ लेने एवं इस प्रकार तैयार उत्पाद को सुरक्षित मण्डी पहुंचाने के लिए विभाग द्वारा रिफर वैन पर दिये जा रहे अनुदान का लाभ लेते हुए स्मार्ट फार्मर की तरह कार्य करते हुए अपने फार्महाउस को स्मार्ट फार्म में रूपांतरित करते हुए नवाचारी कृषक बनने की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उक्त सभी योजनाओं का लाभ लेकर आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार के नवाचारी कृषकों को विदेश भेजने वाली स्कीम का लाभ लेने पर भरपूर जोर दिया और कहा कि ऐसा करके हम भी अपने राज्य एवं तत्पश्चात राष्ट्र को विकसित देशों की श्रेणी में ला सकने में कामयाब हो पाएंगे।

सूक्ष्म सिंचाई एवं उन्नत उद्यानिकी प्रबंधन

इस दौरान डॉ रघुनाथ प्रसाद यादव ने सुक्ष्म सिंचाई की प्रणालियों के सिद्धांत एवं सिंचाई व्यवस्थापन पर और फव्वारे सेट, मिनी स्प्रिंकलर, बूंद बूंद सिंचाई संयंत्र स्थापित कर उन पर अनुदान लाभ लेने एवं जल बचत करने पर प्रकाश डाला। साथ ही उच्च उद्यानिकी तकनीकी वाली फसलों विशेषकर सब्जियों में उर्वरकीकरण (फर्टीगेशन) का महत्व एवं कार्य प्रणाली पर पावर पाइंट प्रजेंटेशन दिया। कृषि विज्ञान केन्द्र के इंचार्ज डॉ नवाब सिंह ने फल बगीचे लगाने, उद्यानिकी फसलों में संभावनाएं, चुनौतियां एवं समाधान पर विस्तृत जानकारी साझा की।

Pratahkal Bureau

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