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डीग: श्रीमद्भागवत कथा में कृष्ण-सुदामा की अटूट मित्रता का हुआ वर्णन
By Pooran Prakash Bansal, DeegPublished on
पुरानी डीग में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा व्यास महेश माधव ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के निस्वार्थ प्रेम और भावुक मिलन के प्रसंग को विस्तार से सुनाया।

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निस्वार्थ प्रेम और अटूट मित्रता का संदेश
कथा के दौरान महाराज जी ने बताया कि:
- श्री कृष्ण-सुदामा की मित्रता निस्वार्थ प्रेम, भक्ति और समानता का सर्वोच्च उदाहरण है।
- निर्धन अवस्था में पत्नी के आग्रह पर सुदामा अपने बालसखा द्वारकाधीश श्री कृष्ण से मिलने गए।
भावुक कर देने वाला मिलन प्रसंग
जब मित्र के आने का समाचार भगवान को प्राप्त हुआ, तो दृश्य अत्यंत हृदयस्पर्शी था। कथा व्यास के अनुसार:
"जब मित्र को पता चला तो श्रीकृष्ण भगवान मित्र से मिलने नंगे पांव चलकर आये और सुदामा को गले से लगाया।"
भक्तों की भक्तिमय उपस्थिति
इस प्रसंग को सुनकर सैकड़ों भक्त भक्तिभाव में डूब गए। पूरी कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान की लीलाओं का रसपान करते हुए भावुक नजर आए।

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