डीग: आरयूआईडीपी ने स्वच्छता और एफएसटीपी प्लांट पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया
विकास विद्यापीठ स्कूल में विद्यार्थियों को स्वच्छता के लाभ बताए गए और मालीपुरा रोड पर नवनिर्मित फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली साझा की गई।

राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (RUIDP) की सामुदायिक एवं जन सहभागिता इकाई द्वारा बुधवार को शहर के विकास विद्यापीठ उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्वच्छता विषय पर एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और शहर में बुनियादी ढांचे के विकास से होने वाले सकारात्मक परिवर्तनों से अवगत कराना रहा। इस दौरान विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को स्वच्छता की महत्ता समझाते हुए इसे जीवन की अनिवार्य आदत बनाने पर जोर दिया।
जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैप आरयूआईडीपी के सहायक सामुदायिक विकास एवं जेंडर सपोर्ट अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा ने विस्तार से स्वच्छता पर जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता मात्र एक कार्य नहीं बल्कि एक अच्छी आदत है, जिसे स्वस्थ जीवन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनाना चाहिए। शर्मा ने कहा कि स्वच्छता हमें न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक रूप से भी स्वस्थ रखने में सहायक सिद्ध होती है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों को हाथ धोने के सात वैज्ञानिक चरणों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
परियोजना की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि आरयूआईडीपी द्वारा शहर के गोवर्धन गेट स्थित मालीपुरा रोड पर 'फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट' (एफएसटीपी) का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, जिसका हाल ही में उद्घाटन भी किया जा चुका है। उन्होंने वर्तमान समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि सेप्टिक टैंकों के मल (फिकल स्लज) को खुले में डालने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है, बल्कि जनमानस कई प्रकार की गंभीर बीमारियों से ग्रसित होता है। इस समस्या के समाधान हेतु आगामी समय में घरों के सेप्टिक टैंकों से निकलने वाले मल को विशेष टैंकों में भरकर एफएसटीपी प्लांट ले जाया जाएगा।
प्लांट की कार्यप्रणाली और इसके बहुआयामी लाभों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वहां मल को वैज्ञानिक पद्धति से ट्रीट कर खाद के रूप में परिवर्तित किया जाएगा, जिसका उपयोग खेतों में पैदावार बढ़ाने के लिए होगा। इसके अतिरिक्त, शोधित जल का उपयोग नगर परिषद क्षेत्र के पेड़-पौधों की सिंचाई में किया जाएगा। इस पहल से न केवल गंदगी से निजात मिलेगी, बल्कि किसानों को लाभ होगा और पर्यावरण भी स्वच्छ बना रहेगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश व्यास ने आरयूआईडीपी के इस जागरूकता अभियान की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने संदेश दिया कि गंदगी से फैलने वाली बीमारियों से बचने के लिए हमें अपने आस-पास के वातावरण को सदैव स्वच्छ रखना होगा, जिससे समाज में एक स्वस्थ परिवेश निर्मित हो सके।

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