डीग: राजस्व न्यायालयों की समीक्षा बैठक में लंबित प्रकरणों के निस्तारण हेतु निर्देश
राजस्व मण्डल सदस्य राजेश कुमार दड़िया ने विभाजन और रास्तों के मामलों में तहसीलदारों को मौके पर जाकर प्रस्ताव तैयार करने और 90 दिवस में निस्तारण के निर्देश दिए।

विभाजन एवं रास्तों के प्रकरणों हेतु कड़े निर्देश
सदस्य दड़िया ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि:
- "राजस्थान काश्तकारी अधिनियम की धारा 53 के अंतर्गत विभाजन के मामलों में तहसीलदार स्वयं मौके पर उपस्थित होकर ही पक्षकारों के समक्ष विभाजन प्रस्ताव तैयार करें।"
- उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाजन प्रस्ताव तैयार करने का कार्य पटवारी अथवा भू-अभिलेख निरीक्षक के स्तर पर नहीं किया जाना चाहिए और इस संबंध में विधिक नियमों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाए।
- धारा 251-ए के तहत रास्तों के प्रकरणों का निस्तारण 90 दिवस की निर्धारित अवधि में किया जाना अनिवार्य है।
- इन प्रकरणों में मौका रिपोर्ट केवल भू-अभिलेख निरीक्षक से ही प्राप्त की जाए, पटवारी की रिपोर्ट मान्य नहीं होगी।
न्यायिक प्रक्रिया और आदेशों की गुणवत्ता
न्यायिक प्रक्रिया की गंभीरता को रेखांकित करते हुए सदस्य ने निर्देशित किया कि अधीनस्थ न्यायालयों में प्रस्तुत विभिन्न प्रार्थना-पत्रों का निस्तारण सरसरी तौर पर न किया जाए। ऐसे मामलों में विस्तृत और सकारण आदेश पारित किए जाएं ताकि राजस्व मण्डल द्वारा प्रकरणों को पुनः प्रतिप्रेषित करने की स्थिति न बने और पक्षकारों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।
"राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955 की धारा 212 के तहत अंतरिम आदेश पारित करते समय प्रथम दृष्ट्या मामला, सुविधा का संतुलन और अपूरणीय क्षति जैसे महत्वपूर्ण विधिक बिंदुओं का विवेचन आदेश में अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।"
राजकीय हित एवं प्रशासनिक सतर्कता
समीक्षा बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि:
- राज्य सरकार के विरुद्ध दायर प्रकरणों में पैरवी के दौरान पूर्ण सावधानी बरती जाए ताकि राजकीय हितों और अधिकारों पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।
- राजस्व मण्डल द्वारा तलब की गई पत्रावलियों को अविलंब भिजवाया जाए।
- भू-राजस्व अधिनियम की धारा 136 के तहत केवल लिपिकीय त्रुटियों का ही सुधार करने की हिदायत दी गई।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में निम्नलिखित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे:
- राजकुमार कस्वां (अतिरिक्त जिला कलक्टर)
- मुकेश चौधरी (उपखण्ड अधिकारी डीग)
- जुगिता मीना (तहसीलदार डीग)
वहीं, जिले के अन्य उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक में सम्मिलित हुए।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
