डीग, 14 जनवरी। राजस्थान सरकार की 'प्रशासन गांवों के संग' मुहिम के तहत ग्रामीण अंचलों में सुशासन की नई इबारत लिखी जा रही है। इसी कड़ी में डीग जिले के दिदावली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में आयोजित हुई 'रात्रि चौपाल' ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने आमजन की पीड़ा को बेहद गंभीरता से सुना और अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ा रुख अख्तियार किया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि ग्रामीणों के लिए उम्मीद की एक ऐसी किरण बनकर उभरा जहां उनकी बरसों पुरानी समस्याओं का समाधान महज कुछ ही घंटों में तय कर दिया गया। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और धरातल पर बदलाव दिखना अनिवार्य है।

रात्रि चौपाल की शुरुआत होते ही ग्रामीणों ने अपनी शिकायतों का अंबार लगा दिया, जिसमें सबसे प्रमुख बिजली और पानी के मुद्दे रहे। आबादी क्षेत्र में लटकते हुए बिजली के हाईटेंशन तार और बिलों में भारी विसंगतियों पर ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए कलेक्टर उत्सव कौशल ने विद्युत विभाग के अभियंताओं को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि तत्काल कैंप लगाकर बिलों की त्रुटियां सुधारी जाएं और झूलते हुए खतरनाक तारों को कसकर संभावित हादसों को टाला जाए। वहीं, चंबल पेयजल परियोजना की सुस्त रफ्तार और खराब हैंडपंपों की स्थिति पर उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पाबंद किया कि गांव के अंतिम छोर यानी 'टेल एंड' तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए सीधे विभागीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

सामाजिक सरोकार को प्राथमिकता देते हुए जिला कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जुड़वाने, पालनहार योजना और दिव्यांग प्रमाण पत्र से जुड़ी अड़चनों पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने विकास अधिकारी और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को निर्देशित किया कि वे खुद चलकर पात्र व्यक्तियों तक पहुंचें। चिकित्सा विभाग को स्पष्ट हिदायत दी गई कि दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र के लिए सरकारी दफ्तरों की चौखट न रगड़नी पड़े, बल्कि उनका हक उन्हें सुगमता से मिले। राजस्व के मामलों पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने तहसीलदार को जमाबंदी में नाम सुधारने के लंबित प्रकरणों का नियमानुसार और त्वरित निस्तारण करने के आदेश दिए। साथ ही, ग्रामीणों की सड़क निर्माण की मांग पर सार्वजनिक निर्माण विभाग और पंचायती राज विभाग से समय-सीमा के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

चौपाल के समापन के दौरान जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने उपस्थित सभी अधिकारियों को संवेदनशील और जवाबदेह बनने की नसीहत दी। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि रात्रि चौपाल में प्राप्त हर एक परिवाद को राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज किया जाए और सुनिश्चित किया जाए कि निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पीड़ित को वास्तविक राहत महसूस हो। इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई के दौरान उपखंड अधिकारी मुकेश चौधरी, तहसीलदार डीग, विकास अधिकारी डीग सहित स्थानीय सरपंच और विभिन्न विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ ने कलेक्टर की इस त्वरित कार्यशैली की सराहना की, जिसने प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को पाटने का काम किया है।

Pratahkal Bureau

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