डीग 10 अप्रैल, पुलिस अधीक्षक डीग शरण गोपीनाथ के. द्वारा जिले में साइबर ठगों के विरूद्ध विशेष अभियान "ऑपरेशन एण्टीवायरस" चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत डीग पुलिस द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए 24 साईबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है और साथ ही 05 विधि से संघर्शरत बाल अपचारियों को निरूद्ध किया गया है।

कार्यवाही का विवरण और बरामदगी

पुलिस टीम ने इस कार्यवाही के दौरान साईबर ठगों के कब्जे से कुल 31 एन्ड्रायड मोबाइल और 21 फर्जी सिम बरामद की हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस ने आरोपियों के पास से 01 लाख 11 हजार 400 रूपये की नकदी को भी जप्त किया है। यह पूरी कार्यवाही पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. के निर्देशन में जिले में सक्रिय ठगों के नेटवर्क को तोड़ने के उद्देश्य से की गई है।

पुलिस अधीक्षक का निर्देश

"पुलिस अधीक्षक डीग शरण गोपीनाथ के. द्वारा जिले में साइबर ठगों के विरूद्ध विशेष अभियान,,ऑपरेशन एण्टीवायरस,, चलाया जा रहा है जिसके तहत यह सफलता मिली है।"

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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