डीग: पोक्सो कोर्ट में झूठी गवाही देने पर परिवादी के खिलाफ केस दर्ज
अदालत में बयानों से मुकरने पर जिला न्यायाधीश हेमराज गौड़ ने रीडर अभिनव कपिल को परिवादी महेश के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही हेतु परिवाद पेश करने का आदेश दिया।

डीग, 11 मार्च। जिला एवं सेशन न्यायालय (पोक्सो) डीग में बालकों से लैंगिक अपराधों के संरक्षण अधिनियम के तहत अदालत में झूठी गवाही देने पर कड़ा रुख अपनाया गया है। जिला एवं सेशन न्यायालय पोक्सो ने परिवादी के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में परिवाद पेश कराया है।
मामले की पृष्ठभूमि और पुलिस रिपोर्ट
लोक अभियोजक जिला एवं सेशन न्यायालय राकेश खंडेलवाल ने बताया कि जिला एवं सेशन न्यायालय पोक्सो में लंबित एक प्रकरण सरकार बनाम लेखराज मुकदमा नंबर 56/26 में रिपोर्टकर्ता महेश द्वारा दिनांक 14/9/24 को एक रिपोर्ट पुलिस थाना कुम्हेर में अभियुक्तों को नामजद करते हुए पीड़िता के साथ यौन शोषण और लैंगिक अपराधों के संबंध में दर्ज कराई थी। पुलिस अनुसंधान में परिवादी ने अभियुक्तों के विरुद्ध अपने बयान दर्ज कराए थे, लेकिन न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल होने पर अन्वीक्षा के दौरान रिपोर्टकर्ता अपने बयानों से मुकर गया।
न्यायालय का निर्णय और दोषमुक्ति
रिपोर्टकर्ता के बयानों से पलटने पर जिला न्यायाधीश हेमराज गौड़ द्वारा अभियुक्त गणों को दोष मुक्त घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही न्यायालय में झूठी गवाही देने के अपराध में रिपोर्टकर्ता महेशचंद के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में परिवाद पेश करने का आदेश दिया।
कानूनी कार्यवाही का प्रारंभ
जिला एवं सेशन न्यायालय पोक्सो ने लोक अभियोजक राकेश खंडेलवाल एवं न्यायालय के रीडर अभिनव कपिल के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डीग के न्यायालय में परिवादी महेश चंद्र के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई करने के लिए धारा 229 बी.एन.एस. में परिवाद प्रस्तुत किया है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
