डीग: पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
वेतन विसंगति और पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों के समाधान के लिए कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर आंदोलन की चेतावनी दी।

डीग जिला मुख्यालय पर रविवार को जिला अध्यक्ष हरिओम शर्मा और जिला महामंत्री श्रीपाल गुर्जर के नेतृत्व में मंत्रालयिक कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी ‘स्वाभिमान बचाओ आंदोलन’ के तहत रविवार को जिला मुख्यालय डीग पर पंचायती राज संस्थाओं के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी जायज मांगों को लेकर जोरदार हुंकार भरी। जिला अध्यक्ष हरिओम शर्मा एवं जिला महामंत्री श्रीपाल गुर्जर के नेतृत्व में जिले भर के समस्त मंत्रालयिक कर्मचारी एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, जिला कलेक्टर डीग तथा अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Addl. CEO) को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
जिला अध्यक्ष हरिओम शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से पंचायती राज विभाग द्वारा संस्थाओं के मंत्रालयिक संवर्ग के 16,000 कर्मचारियों के प्रति अत्यंत पक्षपातपूर्ण एवं बेरुखीपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कनिष्ठ लिपिक भर्ती 2013 की जांच के नाम पर जानबूझकर मंत्रालयिक कर्मचारियों की मौलिक एवं नैसर्गिक न्याय से जुड़ी मांगों को लंबित रखा जा रहा है, जिससे पूरे संवर्ग में भारी आक्रोश और खिन्नता व्याप्त है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसी संवर्ग विशेष के प्रभाव में आकर गलत तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करना और कर्मचारियों के हितों को कुचलना संगठनात्मक मिलीभगत का स्पष्ट प्रमाण है।
जिला महामंत्री श्रीपाल गुर्जर ने संगठन की प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में कार्यरत कनिष्ठ/वरिष्ठ सहायकों का ग्राम विकास अधिकारी के समान अधिकारों सहित जॉब-चार्ट जारी किया जाए तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने हेतु वित्त विभाग के परिपत्रानुसार लेखों में मेकर, चेकर एवं अप्रूवर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जाए। उन्होंने मंत्रालयिक संवर्ग के पदों के लिए पूर्ण उत्तराखंड पैटर्न लागू करने, कैडर का पुनर्गठन कर 56.01 प्रतिशत पदोन्नति पदों की व्यवस्था करने, कनिष्ठ सहायक की शैक्षणिक योग्यता स्नातक करने तथा समकक्ष कार्मिकों के साथ स्टेट पेरिटी मेंटेन करते हुए ग्रेड पे 3600 किए जाने की मांग रखी। साथ ही इच्छुक कार्मिकों के अंतरजिला स्थानांतरण हेतु शिथिलन प्रदान करने की भी मांग की गई।
आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी देते हुए जिला नेतृत्व ने कहा कि यदि मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से उग्र किया जाएगा। इसके तहत 10 जून से 16 जून तक जिले के समस्त पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी आधे दिन के लिए कार्य बहिष्कार (पेन डाउन हड़ताल) पर रहेंगे। 24 जून को समस्त कर्मचारी जयपुर कूच कर मंत्रियों एवं विधायकों का घेराव करेंगे। 01 जुलाई से वीसी (VC) और वीबीजी (VBG) का अनिश्चितकालीन पूर्ण बहिष्कार प्रारंभ किया जाएगा। 06 जुलाई को जयपुर में मुख्यमंत्री का महा-घेराव प्रस्तावित है। वहीं 07 जुलाई को यदि फिर भी कार्रवाई नहीं होती है तो मुख्य प्रदेश पदाधिकारियों के नेतृत्व में सभी जिला अध्यक्ष एवं महामंत्री सामूहिक रूप से जल समाधि लेने की घोषणा करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन की होगी।
कार्यक्रम में डीग जिले की समस्त ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारी, महिला प्रतिनिधि एवं सैकड़ों मंत्रालयिक कर्मचारी उपस्थित रहे। उपस्थित कर्मचारियों ने एक स्वर में संगठन की एकता और अधिकारों की लड़ाई को अंतिम सांस तक जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
