डीग में पंचायतीराज आम चुनाव को निष्पक्ष, निर्भीक और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन अधिकारियों की तैयारियों को तेज कर दिया गया है। बुधवार, 28 अक्टूबर को मास्टर आदित्येन्द्र जी राजकीय महाविद्यालय, डीग के सभागार में आयोजित रिटर्निंग अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर मयंक मनीष ने शिरकत कर अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिला निर्वाचन अधिकारी मयंक मनीष ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की शंका होने पर संबंधित अधिकारियों से तत्काल समाधान प्राप्त किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर डीएलएमटी एवं बीएलएमटी से मार्गदर्शन लिया जाए, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न कराई जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान ईवीएम मशीन एवं मतपेटी सहित निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मतपत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।

उन्होंने चुनाव कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 2 नवंबर को मतदान दलों की रवानगी होगी। इसके बाद 3 नवंबर को जिले के समस्त जिला परिषद सदस्य पदों के लिए तथा तृतीय चरण के अंतर्गत पहाड़ी, कामां एवं बृजनगर पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए 4 नवंबर को नामांकन प्रक्रिया और 5 नवंबर को मतदान एवं मतगणना की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न कराई जाएगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने रिटर्निंग अधिकारियों को चुनाव चिह्न आवंटन, मतपत्रों पर निर्धारित तरीके से निशान लगाने, मतगणना तथा उपसरपंच के अप्रत्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया से संबंधित नियमों का भलीभांति अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतपत्रों के माध्यम से मतदान कराने में अधिक समय लग सकता है, इसलिए सभी अधिकारी आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखें, जिससे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चुनाव संपन्न कराया जा सके।

मयंक मनीष ने आश्वस्त किया कि चुनाव के दौरान पुलिस एवं प्रशासन का पूरा सहयोग उपलब्ध रहेगा। उन्होंने बताया कि ग्राम सचिव एवं पटवारी मुख्यालय पर उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही विद्यालयों के प्रधानाचार्य और बूथ लेवल अधिकारी भी निर्वाचन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित मुख्यालयों पर मौजूद रहेंगे।

उन्होंने सभी रिटर्निंग अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में निष्पक्षता, सतर्कता और नियमों की पालना सर्वोपरि होनी चाहिए। चुनाव से जुड़ी प्रत्येक प्रक्रिया को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को पूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए।

प्रभारी प्रशिक्षण प्रकोष्ठ रेवती प्रसाद शर्मा ने बताया कि मास्टर आदित्येन्द्र जी राजकीय महाविद्यालय, डीग में 159 रिटर्निंग अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के बाद रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के सहायक प्रभारी दिलीप सिंह, गोपाल प्रसाद शर्मा तथा डीएलएमटी प्रेमचंद शर्मा, दिगम्बर सिंह एवं उम्मेद सिंह मौजूद रहे। निर्धारित चुनाव कार्यक्रम के तहत विभिन्न पदों के लिए मतदान, मतगणना और संबंधित निर्वाचन प्रक्रियाओं को नियमों के अनुरूप संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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