भरतपुर संभाग की संभागीय आयुक्त एवं डीग जिले की प्रभारी सचिव नलिनी कठोतिया ने रविवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रभारी सचिव ने राज्य सरकार के 'वन्दे गंगा जल संरक्षण अभियान', अधिक मास के अंतर्गत आयोजित हो रही 'बृज 84 कोस परिक्रमा' की व्यापक व्यवस्थाओं तथा भीषण ग्रीष्मकालीन आकस्मिकताओं से निपटने की तैयारियों को लेकर विस्तृत व गहन चर्चा की। उन्होंने धरातल पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

बैठक के दौरान बृज 84 कोस परिक्रमा मार्ग में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं की गहन समीक्षा करते हुए प्रभारी सचिव नलिनी कठोतिया ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। समीक्षा में अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि जिले में बिजली की सुचारू आपूर्ति बहाल रखने के लिए जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड अलवर से अतिरिक्त बिजली का विशेष प्रबंध किया गया है, साथ ही सीकरी स्थित 220 केवी ग्रिड स्टेशन के पूर्ण रूप से सुचारू होने के पश्चात स्थानीय स्तर पर बिजली की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिक्रमार्थियों के विश्राम एवं सहायता हेतु पूरे मार्ग में 17 आश्रय स्थल और 8 से 10 सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त परिक्रमा मार्ग में रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था के लिए हाई-मास्ट लाइटें लगाई गई हैं तथा मार्ग की झाड़ियों की कटाई व साफ-सफाई का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। भीषण ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पेयजल की माकूल व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु टैंकरों के माध्यम से रोजाना 70 से 80 राउंड लगाकर संपूर्ण परिक्रमा मार्ग में निरंतर पानी की आपूर्ति की जा रही है, और इस व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भरतपुर फीडर से चंबल का अतिरिक्त पानी भी विशेष रूप से उपलब्ध करवाया जा रहा है। प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को संपूर्ण परिक्रमा मार्ग में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने प्रभारी सचिव को अवगत कराया कि परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं किसी भी प्रकार की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था हेतु 27 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं, जिनमें 89 चिकित्सा कर्मी चौबीसों घंटे अपनी निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। त्वरित चिकित्सकीय सहायता के लिए मार्ग पर 2 बाइक एम्बुलेंस और 2 नियमित एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं। किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने और क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए भरतपुर से अतिरिक्त चिकित्सा स्टाफ और जीवन रक्षक दवाइयां भी पहले से ही मंगवा ली गई हैं।

इसके पश्चात बैठक में वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान और जल शक्ति अभियान की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव नलिनी कठोतिया ने कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि जल संरक्षण के इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत सभी सरकारी और निजी भवनों पर रूफटॉप वर्षा जल संग्रहण प्रणालियों (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम) को अनिवार्य रूप से बढ़ावा दिया जाए तथा सड़कों के किनारे सघन पौधारोपण का कार्य किया जाए। उन्होंने जल संसाधन विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया कि इस अभियान के अंतर्गत क्षेत्र के बांधों, नहरों और प्रमुख जल स्रोतों पर पूरे विधि-विधान के साथ जल पूजन संपन्न किया जाए। इस अभियान में आमजन और विशेषकर मातृशक्ति की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए पीपल पूजन और जल पूजन के सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। बैठक के अंत में प्रभारी सचिव ने सभी संबंधित विभागों को चेताया कि जल शक्ति अभियान के तहत निर्धारित किए गए समस्त लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से हर हाल में हासिल किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।A

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