राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे सेवा शिविरों की जमीनी हकीकत परखने के लिए भरतपुर की संभागीय आयुक्त एवं डीग की प्रभारी सचिव नलिनी कठोतिया ने गुरुवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कुम्हेर उपखंड के ग्राम अस्तावन और नगर पालिका कुम्हेर में आयोजित शिविरों में व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए अधिकारियों को आमजन की समस्याओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।

संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया ने ग्राम अस्तावन में ग्रामीण सेवा शिविर का औचक निरीक्षण करते हुए विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉल्स की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया कि शिविर में आने वाले प्रत्येक परिवाद को पूरी संवेदनशीलता के साथ लिया जाए और उसका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पात्र लाभार्थियों को पट्टों का वितरण किया और बिजली, पेयजल तथा चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ रखने के लिए पाबंद किया। शिविरों की प्रभावशीलता को और अधिक बढ़ाने हेतु उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्य आयोजन से पूर्व ही प्री-कैंप के माध्यम से सभी आवश्यक आवेदनों और पत्रावलियों को तैयार कर लिया जाए, जिससे मौके पर ही लाभार्थियों को राहत मिल सके।

ग्रामीण क्षेत्रों के बाद संभागीय आयुक्त ने नगर पालिका कुम्हेर पहुंचकर शहरी सेवा शिविर की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पात्र परिवारों को 9 आवासीय पट्टे वितरित कर उन्हें उनके घर का मालिकाना हक सौंपा। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को निर्माण की प्रगति के आधार पर आवास सहायता की अगली किस्त जारी की गई। साथ ही, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों एवं छोटे दुकानदारों को आर्थिक संबल प्रदान करने हेतु ऋण स्वीकृत कर उन्हें मौके पर ही लाभान्वित किया गया।

प्रभारी सचिव ने नगर पालिका प्रशासन को निर्देशित किया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप इन शिविरों का लाभ पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ हर जरूरतमंद तक पहुँचाया जाए। संभागीय आयुक्त का यह औचक दौरा न केवल प्रशासनिक सतर्कता का प्रमाण रहा, बल्कि आमजन को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक प्रभावी कदम भी साबित हुआ है। इन शिविरों के माध्यम से समस्याओं का मौके पर ही समाधान होने से स्थानीय नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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