डीग में श्री कृष्ण लीला महोत्सव का शुभारंभ, विधायक डॉ. शैलेष दिगम्बर सिंह ने किया उद्घाटन
डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेष दिगम्बर सिंह ने लक्ष्मण मंदिर चौक पर धार्मिक महोत्सव का उद्घाटन किया।

तस्वीर में डीग के लक्ष्मण मंदिर चौक पर श्री कृष्ण लीला एवं भक्त चरितामृत लीला महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित विधायक डॉ. शैलेष दिगम्बर सिंह और अन्य गणमान्य लोग नजर आ रहे हैं।
डीग के मुख्य बाजार स्थित लक्ष्मण मंदिर चौक पर शुक्रवार, 23 अक्टूबर को श्री कृष्ण लीला एवं भक्त चरितामृत लीला महोत्सव का शुभारंभ हुआ। श्री बृज लठावन धाम स्थानीय रामलीला महोत्सव समिति डीग के तत्वावधान में 23 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस धार्मिक महोत्सव का उद्घाटन डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेष दिगम्बर सिंह के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित जीतेन्द्र पाराशर और आचार्य गणेश दत्त पाराशर के नेतृत्व में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई।
महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर आयोजक समिति की ओर से विधायक डॉ. शैलेष सिंह का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए विधायक डॉ. शैलेष दिगम्बर सिंह ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का मंचन धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को सनातन धर्म की पहचान बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र से धर्म, कर्तव्य और निष्काम कर्म की प्रेरणा मिलती है।
विधायक ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन सनातन संस्कृति एवं परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हैं। अपनी धार्मिक विरासत को संजोकर रखना और नई पीढ़ी तक इसके संस्कार पहुंचाना आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगर परिषद डीग के सभापति अर्पित गुप्ता ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का चरित्र धर्म, संस्कृति और नैतिक मूल्यों की सीख देता है। उनके जीवन से सत्य, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता अमरनाथ गुप्ता ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक विरासत से जोड़ने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में समिति के मुख्य संरक्षक एवं लक्ष्मण मंदिर के महंत पंडित मुरारी लाल पाराशर सहित प्रकाश पाराशर, गौरव सोनी, जगदीश टकसालिया, दाऊ दयाल नसवारिया, खेमचंद कोली, भावना गांधी, राहुल बजाज, ललित तिवारी, रघुवीर गुर्जर, श्याम ठाकुर, राजेन्द्र खण्डेलवाल, एडवोकेट अनिल कुमार गुप्ता, पंकज भूषण गोयल, सर्वेश अरोड़ा, शिभम उपाध्याय, दुष्यंत परमार, जतिन गुप्ता, गिरिश शर्मा, वंश खण्डेलवाल, पुनित दुआ, एडवोकेट रमाकांत शर्मा, पंडित प्रकाश चंद पाराशर, पवन भारद्वाज, इन्द्रमोहन शर्मा, बबली शर्मा, पंकज सौखिया, खगेन्द्र खग्गू, लोकी शर्मा, पंकज पाराशर, काव्य पाराशर, मोहित पाराशर, रवि बौहरे, मनोज बीडी वाले, पूर्व पार्षद महेंद्र शर्मा, सभासद रघुवीर सोनी, कवि मनोज पाराशर मनु, राजू शर्मा, मुकेश भारद्वाज, पूर्व पार्षद सोमनाथ गुप्ता, भगवान सिंह कोली, उमेश चंद, केदार सौखिया, सुनिल पाराशर और अनिल शर्मा मौजूद थे।
कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार सोहन लाल शर्मा प्रेम ने किया। 23 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक चलने वाला यह महोत्सव भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भक्त चरितामृत के मंचन के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
