कहते हैं कि अडिग संघर्ष और दृढ़ संकल्प अंततः सफलता की इबारत लिखते हैं। राजस्थान के डीग जिले के अंतर्गत आने वाले कस्बे जनूथर में यह उक्ति चरितार्थ हुई है, जहाँ ग्रामीण पिछले कई वर्षों से बंदरों के भीषण आतंक से त्रस्त थे। कस्बे के ही जागरूक निवासी चंद्रभान गुप्ता द्वारा वर्ष 2018 में शुरू किया गया एकल संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। गुप्ता के लंबे समय के धैर्यपूर्ण इंतजार और निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप अब जनूथर वासियों को बंदरों के भय से स्थाई मुक्ति मिलने वाली है।

इस मुहिम को तब बल मिला जब वर्तमान पंचायत सचिव लोकेन्द्र फौजदार सिनसिनी का इसमें प्रमुख सहयोग प्राप्त हुआ। चंद्रभान गुप्ता और पंचायत सचिव लोकेन्द्र फौजदार के सम्मिलित प्रयासों और प्रशासनिक समन्वय से बंदर पकड़ने वाली विशेषज्ञ टीम द्वारा कस्बे का विस्तृत सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस संयुक्त पहल ने सरकारी प्रक्रियाओं को गति प्रदान की, जिससे अब धरातल पर कार्यवाही का मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रशासन द्वारा सुनिश्चित किया गया है कि जल्द ही जनूथर कस्बे में बंदरों को पकड़ने की औपचारिक कार्यवाही विधिवत रूप से शुरू कर दी जाएगी। वर्षों से बंदरों के उत्पात और हिंसक हमलों का सामना कर रहे स्थानीय नागरिकों के लिए यह खबर बड़ी राहत बनकर आई है, जो जनभागीदारी और प्रशासनिक सक्रियता की एक अनुकरणीय मिसाल पेश करती है।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story